नित्यम् अधीयताम्
ओं सच्चिदानन्दरूपाय नमोस्तु परमात्मने ।
ज्योतिर्मयस्वरूपाय विश्वमाङ्गल्यमूर्तये ॥
प्रकृतिः पञ्चभूतानि ग्रहा लोकाः स्वराः तथा ।
दिशः कालश्च सर्वेषां सदा कुर्वन्तु मङ्गलम्॥
रत्नाकराधौतपदां हिमालयकिरीटिनीम् ।
ब्रह्मराजर्षिरत्नाढ्यां वन्दे भारतमातरम्॥
महेन्द्रो मलयः सह्यो देवतात्मा हिमालयः ।
ध्येयो रैवतको विन्ध्यो गिरिश्चारावलिस्तथा ॥
गङ्गा सरस्वती सिन्धुर्ब्रह्मपुत्रश्च गण्डकी ।
कावेरी यमुना रेवा कृष्णा गोदा महानदी ॥
अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका ।
वैशाली द्वारिका ध्येयापुरी तक्षशिला गया ॥
प्रयागः पाटलीपुत्रं विजयानगरं महत् ।
इन्द्रप्रस्थं सोमनाथः तथाऽऽमृतसरः प्रियम् ॥
चतुर्वेदाः पुराणानि सर्वोपनिषदस्तथा ।
रामायणं भारतं च गीता सद्दर्शनानि च ॥
जैनागमास्त्रिपिटका गुरुग्रन्थः सतां गिरः ।
एष ज्ञाननिधिः श्रेष्ठः श्रद्धेयो हृदि सर्वदा ॥
अरुन्धत्यनसूया च सावित्री जानकी सती ।
द्रौपदी कण्णगी गार्गी मीरा दुर्गावती तथा॥
लक्ष्मीरहल्या चन्नम्मा रुद्रमाम्बा सुविक्रमा ।
निवेदिता शारदा च प्रणम्या मातृदेवताः॥
श्रीरामो भरतः कृष्णो भीष्मो धर्मस्तथार्जुनः ।
मार्कण्डेयो हरिश्चन्द्रः प्रह्लादो नारदो ध्रुवः॥
हनुमाञ्जनको व्यासो वसिष्ठश्च शुको बलिः ।
दधीचिविश्वकर्माणौ पृथुवाल्मीकिभार्गवाः॥
भगीरथश्चैकलव्यो मनुर्धन्वन्तरिस्तथा ।
शिबिश्च रन्तिदेवश्च पुराणोद्गीतकीर्तयः॥
बुद्धा जिनेन्द्रा गोरक्षः पाणिनिश्च पतञ्जलिः ।
शङ्करो मध्वनिम्बार्कौ श्रीरामानुजवल्लभौ॥
झूलेलालोऽथ चैतन्यः तिरुवल्लुवरस्तथा ।
नायन्माराल्वाराश्च कम्बश्च बसवेश्वरः॥
देवलो रविदासश्च कबीरो गुरुनानकः ।
नरसिस्तुलसीदासो दशमेशो दृढव्रतः॥
श्रीमत् शङ्करदेवश्च बन्धू सायणमाधवौ ।
ज्ञानेश्वरस्तुकारामो रामदासः पुरन्दरः॥
बिरसा सहजानन्दो रामानन्दस्तथा महान् ।
वितरन्तु सदैवैते दैवीं सद्गुणसम्पदम् ॥
भरतर्षिः कालिदासः श्रीभोजो जकणस्तथा ।
सूरदासस्त्यागराजो रसखानश्च सत्कविः॥
रविवर्मा भातखण्डे भाग्यचन्द्रः स भूपतिः ।
कलावन्तश्च विख्याताः स्मरणीया निरन्तरम्॥
अगस्त्यः कम्बुकौण्डिन्यौ राजेन्द्रश्चोलवंशजः ।
अशोकः पुष्यमित्रश्च खारवेलः सुनीतिमान्॥
चाणक्यचन्द्रगुप्तौ च विक्रमः शालिवाहनः ।
समुद्रगुप्तः श्रीहर्षः शैलेन्द्रो बप्परावलः॥
लाचिद्भास्करवर्मा च यशोधर्मा च हूणजित् ।
श्रीकृष्णदेवरायश्च ललितादित्य उद्बलः॥
मुसुनूरीनायकौ तौ प्रतापः शिवभूपतिः ।
रणजित्सिंह इत्येते वीरा विख्यातविक्रमाः॥
वैज्ञानिकाश्च कपिलः कणादः सुश्रुतस्तथा ।
चरको भास्कराचार्यो वराहमिहिरः सुधीः॥
नागार्जुनो भरद्वाजः आर्यभट्टो वसुर्बुधः ।
ध्येयो वेङ्कटरामश्च विज्ञा रामानुजादयः॥
रामकृष्णो दयानन्दो रवीन्द्रो राममोहनः ।
रामतीर्थोऽरविन्दश्च विवेकानन्द उद्यशाः॥
दादाभाई गोपबन्धुः तिलको गान्धिरादृताः ।
रमणो मालवीयश्च श्रीसुब्रह्मण्यभारती॥
सुभाषः प्रणवानन्दः क्रान्तिवीरो विनायकः ।
ठक्करो भीमरावश्च फुले नारायणो गुरुः॥
सङ्घशक्तिप्रणेतारौ केशवो माधवस्तथा ।
स्मरणीयाः सदैवैते नवचैतन्यदायकाः॥
अनुक्ता ये भक्ताः प्रभुचरणसंसक्तहृदयाः ।
अनिर्दिष्टा वीरा अधिसमरमुद्ध्वस्तरिपवः॥
समाजोद्धर्तारः सुहितकरविज्ञाननिपुणाः ।
नमस्तेभ्यो भूयात् सकलसुजनेभ्यः प्रतिदिनम्॥
इदमेकात्मतास्तोत्रं श्रद्धया यः सदा पठेत् ।
स राष्ट्रधर्मनिष्ठावान् अखण्डं भारतं स्मरेत्॥
भारतमाता कि जय
यं वैदिकाः मन्त्रदृशः पुराणाः
इन्द्रं यमं मातरिश्वानमाहुः
वेदान्तिनोऽनिर्वचनीयमेकं
यं ब्रह्मशब्देन विनिर्दिशन्ति ॥
शैवा यमीशं शिव इत्यवोचन्
यं वैष्णवा विष्णुरिति स्तुवन्ति
बुद्धस्तथार्हन्निति बौद्धजैनाः
सत्श्रीअकालेति च सिक्खसन्तः॥
शास्तेति केचित् प्रकृतिः कुमारः
स्वामीति मातेति पितेति भक्त्या
यं प्रार्थयन्ते जगदीशितारं
स एक एव प्रभुरद्वितीयः ॥
१. अइउण्
२. ऋऌक्
३. एओङ्
४. ऐऔच्
५. हयवरट्
६. लण्
७. ञमङणनम्
८. झभञ्
९. घढधष्
१०. जबगडदश्
११. खफछठथचटतव्
१२. कपय्
१३. शषसर्
१४. हल्
|
सुप् प्रत्ययाः |
||
|
सुँ |
औ |
जस् |
|
अम् |
औट् |
शस् |
|
टा |
भ्याम् |
भिस् |
|
ङे |
भ्याम् |
भ्यस् |
|
ङसिँ |
भ्याम् |
भ्यस् |
|
ङस् |
ओस् |
आम् |
|
ङि |
ओस् |
सुप् |
|
तिङ् - प्रत्ययाः |
||
|
परस्मैपदप्रत्ययाः |
||
|
तिप् |
तस् |
झि |
|
सिप् |
थस् |
थ |
|
मिप् |
वस् |
मस् |
|
आत्मनेपदप्रत्ययाः |
||
|
त |
आताम् |
झ |
|
थास् |
आथाम् |
ध्वम् |
|
इड् |
वहि |
महिङ् |
अजन्तप्रकरणम्
|
रामः |
रामौ |
रामाः |
|
रामम् |
रामौ |
रामान् |
|
रामेण |
रामाभ्याम् |
रामैः |
|
रामाय |
रामाभ्याम् |
रामेभ्यः |
|
रामात् |
रामाभ्याम् |
रामेभ्यः |
|
रामस्य |
रामयोः |
रामाणाम् |
|
रामे |
रामयोः |
रामेषु |
|
हे राम |
हे रामौ |
हे रामाः |
|
सीता |
सीते |
सीताः |
|
सीताम् |
सीते |
सीताः |
|
सीतया |
सीताभ्याम् |
सीताभिः |
|
सीतायै |
सीताभ्याम् |
सीताभ्यः |
|
सीतायाः |
सीताभ्याम् |
सीताभ्यः |
|
सीतायाः |
सीतयोः |
सीतानाम् |
|
सीतायाम् |
सीतयोः |
सीतासु |
|
हे सीते |
हे सीते |
हे सीताः |
|
नदी |
नद्यौ |
नद्यः |
|
नदीम् |
नद्यौ |
नदीः |
|
नद्या |
नदीभ्याम् |
नदीभिः |
|
नद्यै |
नदीभ्याम् |
नदीभ्यः |
|
नद्याः |
नदीभ्याम् |
नदीभ्यः |
|
नद्याः |
नद्योः |
नदीनाम् |
|
नद्याम् |
नद्योः |
नदीषु |
|
हे नदि |
हे नद्यौ |
हे नद्यः |
|
श्रीः |
श्रियौ |
श्रियः |
|
श्रियम् |
श्रियौ |
श्रियः |
|
श्रिया |
श्रीभ्याम् |
श्रीभिः |
|
श्रियै / श्रिये |
श्रीभ्याम् |
श्रीभ्यः |
|
श्रियाः / श्रियः |
श्रीभ्याम् |
श्रीभ्यः |
|
श्रियाः / श्रियः |
श्रियोः |
श्रीणाम् /श्रियाम् |
|
श्रियाम् / श्रियि |
श्रियोः |
श्रीषु |
|
हे श्रीः |
हे श्रियौ |
हे श्रियः |
|
स्त्री |
स्त्रियौ |
स्त्रियः |
|
स्त्रियम्/ स्त्रीम् |
स्त्रियौ |
स्त्रियः/ स्त्रीः |
|
स्त्रिया |
स्त्रीभ्याम् |
स्त्रीभिः |
|
स्त्रियै |
स्त्रीभ्याम् |
स्त्रीभ्यः |
|
स्त्रियाः |
स्त्रीभ्याम् |
स्त्रीभ्यः |
|
स्त्रियाः |
स्त्रियोः |
स्त्रीणाम् |
|
स्त्रियाम् |
स्त्रियोः |
स्त्रीषु |
|
हे स्त्रि |
हे स्त्रियौ |
हे स्त्रियः |
|
वनम् |
वने |
वनानि |
|
वनम् |
वने |
वनानि |
|
वनेन |
वनाभ्याम् |
वनैः |
|
वनाय |
वनाभ्याम् |
वनेभ्यः |
|
वनात् |
वनाभ्याम् |
वनेभ्यः |
|
वनस्य |
वनयोः |
वनानाम् |
|
वने |
वनयोः |
वनेषु |
|
हे वन |
हे वने |
हे वनानि |
|
हरिः |
हरी |
हरयः |
|
हरिम् |
हरी |
हरीन् |
|
हरिणा |
हरिभ्याम् |
हरिभिः |
|
हरये |
हरिभ्याम् |
हरिभ्यः |
|
हरेः |
हरिभ्याम् |
हरिभ्यः |
|
हरेः |
हर्योः |
हरीणाम् |
|
हरौ |
हर्योः |
हरिषु |
|
हे हरे |
हे हरी |
हे हरयः |
|
पतिः |
पती |
पतयः |
|
पतिम् |
पती |
पतीन् |
|
पत्या |
पतिभ्याम् |
पतिभिः |
|
पत्ये |
पतिभ्याम् |
पतिभ्यः |
|
पत्युः |
पतिभ्याम् |
पतिभ्यः |
|
पत्युः |
पत्योः |
पतीनाम् |
|
पत्यौ |
पत्योः |
पतिषु |
|
हे पते |
हे पती |
हे पतयः |
|
सखा |
सखायौ |
सखायः |
|
सखायम् |
सखायौ |
सखीन् |
|
सख्या |
सखिभ्याम् |
सखिभिः |
|
सख्ये |
सखिभ्याम् |
सखिभ्यः |
|
सख्युः |
सखिभ्याम् |
सखिभ्यः |
|
सख्युः |
सख्योः |
सखीनाम् |
|
सख्यौ |
सख्योः |
सखिषु |
|
हे सखे |
हे सखायौ |
हे सखायः |
|
मतिः |
मती |
मतयः |
|
मतिम् |
मती |
मतीः |
|
मत्या |
मतिभ्याम् |
मतिभिः |
|
मत्यै/मतये |
मतिभ्याम् |
मतिभ्यः |
|
मत्याः/मतेः |
मतिभ्याम् |
मतिभ्यः |
|
मत्याः/मतेः |
मत्योः |
मतीनाम् |
|
मत्याम्/मतौ |
मत्योः |
मतिषु |
|
हे मते |
हे मती |
हे मतयः |
|
वारि |
वारिणी |
वारीणि |
|
वारि |
वारिणी |
वारीणि |
|
वारिणा |
वारिभ्याम् |
वारिभिः |
|
वारिणे |
वारिभ्याम् |
वारिभ्यः |
|
वारिणः |
वारिभ्याम् |
वारिभ्यः |
|
वारिणः |
वारिणोः |
वारीणाम् |
|
वारिणि |
वारिणोः |
वारिषु |
|
हे वारे/ |
हे वारिणी |
हे वारीणि |
|
दधि |
दधिनी |
दधीनि |
|
दधि |
दधिनी |
दधीनि |
|
दध्ना |
दधिभ्याम् |
दधिभिः |
|
दध्ने |
दधिभ्याम् |
दधिभ्यः |
|
दध्नः |
दधिभ्याम् |
दधिभ्यः |
|
दध्नः |
दध्नोः |
दध्नाम् |
|
दध्नि/ |
दध्नोः |
दधिषु |
|
हे दधे/ |
हे दधिनी |
हे दधीनि |
|
शुचि |
शुचिनी |
शुचीनि |
|
शुचि |
शुचिनी |
शुचीनि |
|
शुचिना |
शुचिभ्याम् |
शुचिभिः |
|
शुचिने/ शुचये |
शुचिभ्याम् |
शुचिभ्यः |
|
शुचिनः/ शुचेः |
शुचिभ्याम् |
शुचिभ्यः |
|
शुचिनः/ शुचेः |
शुचिनोः/ शुच्योः |
शुचीनाम् |
|
शुचिनि/ शुचौ |
शुचिनोः/ शुच्योः |
शुचिषु |
|
हे शुचे/ हे शुचि |
हे शुचिनी |
हे शुचीनि |
|
गुरुः |
गुरू |
गुरवः |
|
गुरुम् |
गुरू |
गुरून् |
|
गुरुणा |
गुरुभ्याम् |
गुरुभिः |
|
गुरवे |
गुरुभ्याम् |
गुरुभ्यः |
|
गुरोः |
गुरुभ्याम् |
गुरुभ्यः |
|
गुरोः |
गुर्वोः |
गुरूणाम् |
|
गुरौ |
गुर्वोः |
गुरुषु |
|
हे गुरो |
हे गुरू |
हे गुरवः |
|
धेनुः |
धेनू |
धेनवः |
|
धेनुम् |
धेनू |
धेनूः |
|
धेन्वा |
धेनुभ्याम् |
धेनुभिः |
|
धेन्वै/ धेनवे |
धेनुभ्याम् |
धेनुभ्यः |
|
धेन्वाः/ धेनोः |
धेनुभ्याम् |
धेनुभ्यः |
|
धेन्वाः/ धेनोः |
धेन्वोः |
धेनूनाम् |
|
धेन्वाम्/ धेनौ |
धेन्वोः |
धेनुषु |
|
हे धेनो |
हे धेनू |
हे धेनवः |
|
वधूः |
वध्वौ |
वध्वः |
|
वधूम् |
वध्वौ |
वधूः |
|
वध्वा |
वधूभ्याम् |
वधूभिः |
|
वध्वै |
वधूभ्याम् |
वधूभ्यः |
|
वध्वाः |
वधूभ्याम् |
वधूभ्यः |
|
वध्वाः |
वध्वोः |
वधूनाम् |
|
वध्वाम् |
वध्वोः |
वधूषु |
|
हे वधु |
हे वध्वौ |
हे वध्वः |
|
भूः |
भुवौ |
भुवः |
|
भुवम् |
भुवौ |
भुवः |
|
भुवा |
भूभ्याम् |
भूभिः |
|
भुवै/ भुवे |
भूभ्याम् |
भूभ्यः |
|
भुवाः/ भुवः |
भूभ्याम् |
भूभ्यः |
|
भुवाः/ भुवः |
भुवोः |
भूनाम्/ भुवाम् |
|
भुवाम्/ भुवि |
भुवोः |
भूषु |
|
हे भूः |
हे भुवौ |
हे भुवः |
|
मधु |
मधुनी |
मधूनि |
|
मधु |
मधुनी |
मधूनि |
|
मधुना |
मधुभ्याम् |
मधुभिः |
|
मधुने |
मधुभ्याम् |
मधुभ्यः |
|
मधुनः |
मधुभ्याम् |
मधुभ्यः |
|
मधुनः |
मधुनोः |
मधूनाम् |
|
मधुनि |
मधुनोः |
मधुषु |
|
हे मधो/ |
हे मधुनी |
हे मधूनि |
|
गुरु |
गुरुणी |
गुरूणि |
|
गुरु |
गुरुणी |
गुरूणि |
|
गुरुणा |
गुरुभ्याम् |
गुरुभिः |
|
गुरुणे/ गुरवे |
गुरुभ्याम् |
गुरुभ्यः |
|
गुरुणः/ गुरोः |
गुरुभ्याम् |
गुरुभ्यः |
|
गुरुणः/ गुरोः |
गुरुणोः/ गुर्वोः |
गुरूणाम् |
|
गुरुणि/ गुरौ |
गुरुणोः/ गुर्वोः |
गुरुषु |
|
हे गुरो/ हे गुरु |
हे गुरुणी |
हे गुरूणि |
|
दाता |
दातारौ |
दातारः |
|
दातारम् |
दातारौ |
दातॄन् |
|
दात्रा |
दातृभ्याम् |
दातृभिः |
|
दात्रे |
दातृभ्याम् |
दातृभ्यः |
|
दातुः |
दातृभ्याम् |
दातृभ्यः |
|
दातुः |
दात्रोः |
दातॄणाम् |
|
दातरि |
दात्रोः |
दातृषु |
|
हे दातः |
हे दातारौ |
हे दातारः |
|
स्वसा |
स्वसारौ |
स्वसारः |
|
स्वसारम् |
स्वसारौ |
स्वसॄः |
|
स्वस्रा |
स्वसृभ्याम् |
स्वसृभिः |
|
स्वस्रे |
स्वसृभ्याम् |
स्वसृभ्यः |
|
स्वसुः |
स्वसृभ्याम् |
स्वसृभ्यः |
|
स्वसुः |
स्वस्रोः |
स्वसॄणाम् |
|
स्वसरि |
स्वस्रोः |
स्वसृषु |
|
हे स्वसः |
हे स्वसारौ |
हे स्वसारः |
|
पिता |
पितरौ |
पितरः |
|
पितरम् |
पितरौ |
पितॄन् |
|
पित्रा |
पितृभ्याम् |
पितृभिः |
|
पित्रे |
पितृभ्याम् |
पितृभ्यः |
|
पितुः |
पितृभ्याम् |
पितृभ्यः |
|
पितुः |
पित्रोः |
पितॄणाम् |
|
पितरि |
पित्रोः |
पितृषु |
|
हे पितः |
हे पितरौ |
हे पितरः |
|
माता |
मातरौ |
मातरः |
|
मातरम् |
मातरौ |
मातॄः |
|
मात्रा |
मातृभ्याम् |
मातृभिः |
|
मात्रे |
मातृभ्याम् |
मातृभ्यः |
|
मातुः |
मातृभ्याम् |
मातृभ्यः |
|
मातुः |
मात्रोः |
मातॄणाम् |
|
मातरि |
मात्रोः |
मातृषु |
|
हे मातः |
हे मातरौ |
हे मातरः |
|
दातृ |
दातृणी |
दातॄणी |
|
दातृ |
दातृणी |
दातॄणी |
|
दातृणा/ दात्रा |
दातृभ्याम् |
दातृभिः |
|
दातृणे/ दात्रे |
दातृभ्याम् |
दातृभ्यः |
|
दातृणः/ दातुः |
दातृभ्याम् |
दातृभ्यः |
|
दातृणः/ दातुः |
दातृणोः/ दात्रोः |
दातॄणाम् |
|
दातृणि/ दातरि |
दातृणोः/ दात्रोः |
दातृषु |
|
हे दातः/ |
हे दातृणी |
हे दातॄणी |
|
राः |
रायौ |
रायः |
|
रायम् |
रायौ |
रायः |
|
राया |
राभ्याम् |
राभिः |
|
राये |
राभ्याम् |
राभ्यः |
|
रायः |
राभ्याम् |
राभ्यः |
|
रायः |
रायोः |
रायाम् |
|
रायि |
रायोः |
रासु |
|
हे राः |
हे रायौ |
हे रायः |
|
गौः |
गावौ |
गावः |
|
गाम् |
गावौ |
गाः |
|
गवा |
गोभ्याम् |
गोभिः |
|
गवे |
गोभ्याम् |
गोभ्यः |
|
गोः |
गोभ्याम् |
गोभ्यः |
|
गोः |
गवोः |
गवाम् |
|
गवि |
गवोः |
गोषु |
|
हे गौः |
हे गावौ |
हे गावः |
हलन्तप्रकरणम्
|
जलमुक्/ जलमुग् |
जलमुचौ |
जलमुचः |
|
जलमुचम् |
जलमुचौ |
जलमुचः |
|
जलमुचा |
जलमुग्भ्याम् |
जलमुग्भिः |
|
जलमुचे |
जलमुग्भ्याम् |
जलमुग्भ्यः |
|
जलमुचः |
जलमुग्भ्याम् |
जलमुग्भ्यः |
|
जलमुचः |
जलमुचोः |
जलमुचाम् |
|
जलमुचि |
जलमुचोः |
जलमुक्षु |
|
हे जलमुक्/ हे जलमुग् |
हे जलमुचौ |
हे जलमुचः |
|
वाक् / वाग् |
वाचौ |
वाचः |
|
वाचम् |
वाचौ |
वाचः |
|
वाचा |
वाग्भ्याम् |
वाग्भिः |
|
वाचे |
वाग्भ्याम् |
वाग्भ्यः |
|
वाचः |
वाग्भ्याम् |
वाग्भ्यः |
|
वाचः |
वाचोः |
वाचाम् |
|
वाचि |
वाचोः |
वाक्षु |
|
हे वाक् / हे वाग् |
हे वाचौ |
हे वाचः |
|
सुवाक् |
सुवाची |
सुवाञ्चि |
|
सुवाक् |
सुवाची |
सुवाञ्चि |
|
सुवाचा |
सुवाग्भ्याम् |
सुवाग्भिः |
|
सुवाचे |
सुवाग्भ्याम् |
सुवाग्भ्यः |
|
सुवाचः |
सुवाग्भ्याम् |
सुवाग्भ्यः |
|
सुवाचः |
सुवाचोः |
सुवाचाम् |
|
सुवाचि |
सुवाचोः |
सुवाक्षु |
|
हे सुवाक् / हे सुवाग् |
हे सुवाची |
हे सुवाञ्चि |
|
राट् / राड् |
राजौ |
राजः |
|
राजम् |
राजौ |
राजः |
|
राजा |
राड्भ्याम् |
राड्भिः |
|
राजे |
राड्भ्याम् |
राड्भ्यः |
|
राजः |
राड्भ्याम् |
राड्भ्यः |
|
राजः |
राजोः |
राजाम् |
|
राजि |
राजोः |
राट्सु |
|
हे राट् / हे राड् |
हे राजौ |
हे राजः |
|
वणिक्/ वणिग् |
वणिजौ |
वणिजः |
|
वणिजम् |
वणिजौ |
वणिजः |
|
वणिजा |
वणिग्भ्याम् |
वणिग्भिः |
|
वणिजे |
वणिग्भ्याम् |
वणिग्भ्यः |
|
वणिजः |
वणिग्भ्याम् |
वणिग्भ्यः |
|
वणिजः |
वणिजोः |
वणिजाम् |
|
वणिजि |
वणिजोः |
वणिक्षु |
|
हे वणिक्/ हे वणिग् |
हे वणिजौ |
हे वणिजः |
|
स्रक्/ स्रग् |
स्रजौ |
स्रजः |
|
स्रजम् |
स्रजौ |
स्रजः |
|
स्रजा |
स्रग्भ्याम् |
स्रग्भिः |
|
स्रजे |
स्रग्भ्याम् |
स्रग्भ्यः |
|
स्रजः |
स्रग्भ्याम् |
स्रग्भ्यः |
|
स्रजः |
स्रजोः |
स्रजाम् |
|
स्रजि |
स्रजोः |
स्रक्षु |
|
हे स्रक्/ हे स्रग् |
हे स्रजौ |
हे स्रजः |
|
असृक् / असृग् |
असृजी |
असृञ्जि |
|
असृक्/ असृग् |
असृजी |
असृञ्जि/ असानि |
|
असृजा/ अस्ना |
असृग्भ्याम्/ असभ्याम् |
असृग्भिः/ असभिः |
|
असृजे/ अस्ने |
असृग्भ्याम् / असभ्याम् |
असृग्भ्यः/ असभ्यः |
|
असृजः/ अस्नः |
असृग्भ्याम् / असभ्याम् |
असृग्भ्यः/ असभ्यः |
|
असृजः/ अस्नः |
असृजोः/ अस्नोः |
असृजाम्/ अस्नाम् |
|
असृजि/ अस्नि/ असनि |
असृजोः/ अस्नोः |
असृक्षु/ अससु |
|
हे असृक्/ हे असृग् |
हे असृजी |
हे असृञ्जि |
|
महान् |
महान्तौ |
महान्तः |
|
महान्तम् |
महान्तौ |
महतः |
|
महता |
महद्भ्याम् |
महद्भिः |
|
महते |
महद्भ्याम् |
महद्भ्यः |
|
महतः |
महद्भ्याम् |
महद्भ्यः |
|
महतः |
महतोः |
महताम् |
|
महति |
महतोः |
महत्सु |
|
हे महन् |
हे महान्तौ |
हे महान्तः |
|
धीमान् |
धीमन्तौ |
धीमन्तः |
|
धीमन्तम् |
धीमन्तौ |
धीमतः |
|
धीमता |
धीमद्भ्याम् |
धीमद्भिः |
|
धीमते |
धीमद्भ्याम् |
धीमद्भ्यः |
|
धीमतः |
धीमद्भ्याम् |
धीमद्भ्यः |
|
धीमतः |
धीमतोः |
धीमताम् |
|
धीमति |
धीमतोः |
धीमत्सु |
|
हे धीमन् |
हे धीमन्तौ |
हे धीमन्तः |
|
पचन् |
पचन्तौ |
पचन्तः |
|
पचन्तम् |
पचन्तौ |
पचतः |
|
पचता |
पचद्भ्याम् |
पचद्भिः |
|
पचते |
पचद्भ्याम् |
पचद्भ्यः |
|
पचतः |
पचद्भ्याम् |
पचद्भ्यः |
|
पचतः |
पचतोः |
पचताम् |
|
पचति |
पचतोः |
पचत्सु |
|
हे पचन् |
हे पचन्तौ |
हे पचन्तः |
|
मरुत् |
मरुतौ |
मरुतः |
|
मरुतम् |
मरुतौ |
मरुतः |
|
मरुता |
मरुद्भ्याम् |
मरुद्भिः |
|
मरुते |
मरुद्भ्याम् |
मरुद्भ्यः |
|
मरुतः |
मरुद्भ्याम् |
मरुद्भ्यः |
|
मरुतः |
मरुतोः |
मरुताम् |
|
मरुति |
मरुतोः |
मरुत्सु |
|
हे मरुत् |
हे मरुतौ |
हे मरुतः |
|
सरित् |
सरितौ |
सरितः |
|
सरितम् |
सरितौ |
सरितः |
|
सरिता |
सरिद्भ्याम् |
सरिद्भिः |
|
सरिते |
सरिद्भ्याम् |
सरिद्भ्यः |
|
सरितः |
सरिद्भ्याम् |
सरिद्भ्यः |
|
सरितः |
सरितोः |
सरिताम् |
|
सरिति |
सरितोः |
सरित्सु |
|
हे सरित् |
हे सरितौ |
हे सरितः |
|
जगत् |
जगती |
जगन्ति |
|
जगत् |
जगती |
जगन्ति |
|
जगता |
जगद्भ्याम् |
जगद्भिः |
|
जगते |
जगद्भ्याम् |
जगद्भ्यः |
|
जगतः |
जगद्भ्याम् |
जगद्भ्यः |
|
जगतः |
जगतोः |
जगताम् |
|
जगति |
जगतोः |
जगत्सु |
|
हे जगत् |
हे जगती |
हे जगन्ति |
|
ददत् |
ददती |
ददति/ ददन्ति |
|
ददत् |
ददती |
ददति/ ददन्ति |
|
ददता |
ददद्भ्याम् |
ददद्भिः |
|
ददते |
ददद्भ्याम् |
ददद्भ्यः |
|
ददतः |
ददद्भ्याम् |
ददद्भ्यः |
|
ददतः |
ददतोः |
ददताम् |
|
ददति |
ददतोः |
ददत्सु |
|
हे ददत् |
हे ददती |
हे ददति/ हे ददन्ति |
|
तुदत् |
तुदती/ तुदन्ती |
तुदन्ति |
|
तुदत् |
तुदती/ तुदन्ती |
तुदन्ति |
|
तुदता |
तुदद्भ्याम् |
तुदद्भिः |
|
तुदते |
तुदद्भ्याम् |
तुदद्भ्यः |
|
तुदतः |
तुदद्भ्याम् |
तुदद्भ्यः |
|
तुदतः |
तुदतोः |
तुदताम् |
|
तुदति |
तुदतोः |
तुदत्सु |
|
हे तुदत् |
हे तुदती/ हे तुदन्ती |
हे तुदन्ति |
|
पचत् |
पचन्ती |
पचन्ति |
|
पचत् |
पचन्ती |
पचन्ति |
|
पचता |
पचद्भ्याम् |
पचद्भिः |
|
पचते |
पचद्भ्याम् |
पचद्भ्यः |
|
पचतः |
पचद्भ्याम् |
पचद्भ्यः |
|
पचतः |
पचतोः |
पचताम् |
|
पचति |
पचतोः |
पचत्सु |
|
हे पचत् |
हे पचती/ हे पचन्ती |
हे पचन्ति |
|
महत्/ महद् |
महती |
महान्ति |
|
महत्/ महद् |
महती |
महान्ति |
|
महता |
महद्भ्याम् |
महद्भिः |
|
महते |
महद्भ्याम् |
महद्भ्यः |
|
महतः |
महद्भ्याम् |
महद्भ्यः |
|
महतः |
महतोः |
महताम् |
|
महति |
महतोः |
महत्सु |
|
हे महत्/ हे महद् |
हे महती |
हे महान्ति |
|
सुहृत् |
सुहृदौ |
सुहृदः |
|
सुहृदम् |
सुहृदौ |
सुहृदः |
|
सुहृदा |
सुहृद्भ्याम् |
सुहृद्भिः |
|
सुहृदे |
सुहृद्भ्याम् |
सुहृद्भ्यः |
|
सुहृदः |
सुहृद्भ्याम् |
सुहृद्भ्यः |
|
सुहृदः |
सुहृदोः |
सुहृदाम् |
|
सुहृदि |
सुहृदोः |
सुहृत्सु |
|
हे सुहृत् |
हे सुहृदौ |
हे सुहृदः |
|
शरत् |
शरदौ |
शरदः |
|
शरदम् |
शरदौ |
शरदः |
|
शरदा |
शरद्भ्याम् |
शरद्भिः |
|
शरदे |
शरद्भ्याम् |
शरद्भ्यः |
|
शरदः |
शरद्भ्याम् |
शरद्भ्यः |
|
शरदः |
शरदोः |
शरदाम् |
|
शरदि |
शरदोः |
शरत्सु |
|
हे शरत् |
हे शरदौ |
हे शरदः |
|
हृत्/हृद् |
हृदी |
हृन्दि |
|
हृत्/हृद् |
हृदी |
हृन्दि |
|
हृदा |
हृद्भ्याम् |
हृद्भिः |
|
हृदे |
हृद्भ्याम् |
हृद्भ्यः |
|
हृदः |
हृद्भ्याम् |
हृद्भ्यः |
|
हृदः |
हृदोः |
हृदाम् |
|
हृदि |
हृदोः |
हृत्सु |
|
हे हृत्/ |
हे हृदी |
हे हृन्दि |
|
क्षुत् / क्षुद् |
क्षुधौ |
क्षुधः |
|
क्षुधम् |
क्षुधौ |
क्षुधः |
|
क्षुधा |
क्षुद्भ्याम् |
क्षुद्भिः |
|
क्षुधे |
क्षुद्भ्याम् |
क्षुद्भ्यः |
|
क्षुधः |
क्षुद्भ्याम् |
क्षुद्भ्यः |
|
क्षुधः |
क्षुधोः |
क्षुधाम् |
|
क्षुधि |
क्षुधोः |
क्षुत्सु |
|
हे क्षुत् / हे क्षुद् |
हे क्षुधौ |
हे क्षुधः |
|
आत्मा |
आत्मानौ |
आत्मानः |
|
आत्मानम् |
आत्मानौ |
आत्मनः |
|
आत्मना |
आत्मभ्याम् |
आत्मभिः |
|
आत्मने |
आत्मभ्याम् |
आत्मभ्यः |
|
आत्मनः |
आत्मभ्याम् |
आत्मभ्यः |
|
आत्मनः |
आत्मनोः |
आत्मनाम् |
|
आत्मनि |
आत्मनोः |
आत्मसु |
|
हे आत्मन् |
हे आत्मानौ |
हे आत्मानः |
|
युवा |
युवानौ |
युवानः |
|
युवानम् |
युवानौ |
यूनः |
|
यूना |
युवभ्याम् |
युवभिः |
|
यूने |
युवभ्याम् |
युवभ्यः |
|
यूनः |
युवभ्याम् |
युवभ्यः |
|
यूनः |
यूनोः |
यूनाम् |
|
यूनि |
यूनोः |
युवसु |
|
हे युवन् |
हे युवानौ |
हे युवानः |
|
मघवा |
मघवानौ |
मघवानः |
|
मघवानम् |
मघवानौ |
मघोनः |
|
मघोना |
मघवभ्याम् |
मघवभिः |
|
मघोने |
मघवभ्याम् |
मघवभ्यः |
|
मघोनः |
मघवभ्याम् |
मघवभ्यः |
|
मघोनः |
मघोनोः |
मघोनाम् |
|
मघोनि |
मघोनोः |
मघवसु |
|
हे मघवन् |
हे मघवानौ |
हे मघवानः |
|
पन्थाः |
पन्थानौ |
पन्थानः |
|
पन्थानम् |
पन्थानौ |
पथः |
|
पथा |
पथिभ्याम् |
पथिभिः |
|
पथे |
पथिभ्याम् |
पथिभ्यः |
|
पथः |
पथिभ्याम् |
पथिभ्यः |
|
पथः |
पथोः |
पथाम् |
|
पथि |
पथोः |
पथिषु |
|
हे पन्थाः |
हे पन्थानौ |
हे पन्थानः |
|
करी |
करिणौ |
करिणः |
|
करिणम् |
करिणौ |
करिणः |
|
करिणा |
करिभ्याम् |
करिभिः |
|
करिणे |
करिभ्याम् |
करिभ्यः |
|
करिणः |
करिभ्याम् |
करिभ्यः |
|
करिणः |
करिणोः |
करिणाम् |
|
करिणि |
करिणोः |
कारिषु |
|
हे करिन् |
हे करिणौ |
हे करिणः |
|
राजा |
राजानौ |
राजानः |
|
राजानम् |
राजानौ |
राज्ञः |
|
राज्ञा |
राजभ्याम् |
राजभिः |
|
राज्ञे |
राजभ्याम् |
राजभ्यः |
|
राज्ञः |
राजभ्याम् |
राजभ्यः |
|
राज्ञः |
राज्ञोः |
राज्ञाम् |
|
राज्ञि/ राजनि |
राज्ञोः |
राजसु |
|
हे राजन् |
हे राजानौ |
हे राजानः |
|
राजा |
राजानौ |
राजानः |
|
राजानम् |
राजानौ |
राज्ञः |
|
राज्ञा |
राजभ्याम् |
राजभिः |
|
राज्ञे |
राजभ्याम् |
राजभ्यः |
|
राज्ञः |
राजभ्याम् |
राजभ्यः |
|
राज्ञः |
राज्ञोः |
राज्ञाम् |
|
राज्ञि/ राजनि |
राज्ञोः |
राजसु |
|
हे राजन् |
हे राजानौ |
हे राजानः |
|
कर्म |
कर्मणी |
कर्माणि |
|
कर्म |
कर्मणी |
कर्माणि |
|
कर्मणा |
कर्मभ्याम् |
कर्मभिः |
|
कर्मणे |
कर्मभ्याम् |
कर्मभ्यः |
|
कर्मणः |
कर्मभ्याम् |
कर्मभ्यः |
|
कर्मणः |
कर्मणोः |
कर्मणाम् |
|
कर्मणि |
कर्मणोः |
कर्मसु |
|
हे कर्म/ हे कर्मन् |
हे कर्मणी |
हे कर्माणि |
|
अहः |
अहनी/ अह्नी |
अहानि |
|
अहः |
अहनी/ अह्नी |
अहानि |
|
अह्ना |
अहोभ्याम् |
अहोभिः |
|
अह्ने |
अहोभ्याम् |
अहोभ्यः |
|
अह्नः |
अहोभ्याम् |
अहोभ्यः |
|
अह्नः |
अह्नोः |
अह्नाम् |
|
अहनि/ अह्नि |
अह्नोः |
अहःसु/ अहस्सु |
|
हे अहः |
हे अहनी/ हे अह्नी |
हे अहानि |
|
नाम |
नामनी/ नाम्नी |
नामानि |
|
नाम |
नामनी/ नाम्नी |
नामानि |
|
नाम्ना |
नामभ्याम् |
नामभिः |
|
नाम्ने |
नामभ्याम् |
नामभ्यः |
|
नाम्नः |
नामभ्याम् |
नामभ्यः |
|
नाम्नः |
नाम्नोः |
नाम्नाम् |
|
नाम्नि |
नाम्नोः |
नामसु |
|
हे नाम/ हे नामन् |
हे नामनी/ हे नाम्नी |
हे नामानि |
|
गुणि |
गुणिनी |
गुणीनि |
|
गुणि |
गुणिनी |
गुणीनि |
|
गुणिना |
गुणिभ्याम् |
गुणिभिः |
|
गुणिने |
गुणिभ्याम् |
गुणिभ्यः |
|
गुणिनः |
गुणिभ्याम् |
गुणिभ्यः |
|
गुणिनः |
गुणिनोः |
गुणिनाम् |
|
गुणिनि |
गुणिनोः |
गुणिषु |
|
हे गुणिन्/ हे गुणि |
हे गुणिनी |
हे गुणीनि |
|
ककुप् / ककुब् |
ककुभौ |
ककुभः |
|
ककुभम् |
ककुभौ |
ककुभः |
|
ककुभा |
ककुब्भ्याम् |
ककुब्भिः |
|
ककुभे |
ककुब्भ्याम् |
ककुब्भ्यः |
|
ककुभः |
ककुब्भ्याम् |
ककुब्भ्यः |
|
ककुभः |
ककुभोः |
ककुभाम् |
|
ककुभि |
ककुभोः |
ककुब्सु |
|
हे ककुप् / हे ककुब् |
हे ककुभौ |
हे ककुभः |
|
गीः |
गिरौ |
गिरः |
|
गिरम् |
गिरौ |
गिरः |
|
गिरा |
गीर्भ्याम् |
गीर्भिः |
|
गिरे |
गीर्भ्याम् |
गीर्भ्यः |
|
गिरः |
गीर्भ्याम् |
गीर्भ्यः |
|
गिरः |
गिरोः |
गिराम् |
|
गिरि |
गिरोः |
गीर्षु |
|
हे गीः |
हे गिरौ |
हे गिरः |
|
वाः |
वारी |
वारि |
|
वाः |
वारी |
वारि |
|
वारा |
वार्भ्याम् |
वार्भिः |
|
वारे |
वार्भ्याम् |
वार्भ्यः |
|
वारः |
वार्भ्याम् |
वार्भ्यः |
|
वारः |
वारोः |
वाराम् |
|
वारि |
वारोः |
वार्षु |
|
हे वाः |
हे वारी |
हे वारि |
|
द्यौः |
दिवौ |
दिवः |
|
दिवम् |
दिवौ |
दिवः |
|
दिवा |
द्युभ्याम् |
द्युभिः |
|
दिवे |
द्युभ्याम् |
द्युभ्यः |
|
दिवः |
द्युभ्याम् |
द्युभ्यः |
|
दिवः |
दिवोः |
दिवाम् |
|
दिवि |
दिवोः |
द्युषु |
|
हे द्यौः |
हे दिवौ |
हे दिवः |
|
विट् / विड् |
विशौ |
विशः |
|
विशम् |
विशौ |
विशः |
|
विशा |
विड्भ्याम् |
विड्भिः |
|
विशे |
विड्भ्याम् |
विड्भ्यः |
|
विशः |
विड्भ्याम् |
विड्भ्यः |
|
विशः |
विशोः |
विशाम् |
|
विशि |
विशोः |
विट्सु |
|
हे विट् / हे विड् |
हे विशौ |
हे विशः |
|
तादृक् / तादृग् |
तादृशौ |
तादृशः |
|
तादृशम् |
तादृशौ |
तादृशः |
|
तादृशा |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भिः |
|
तादृशे |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भ्यः |
|
तादृशः |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भ्यः |
|
तादृशः |
तादृशोः |
तादृशाम् |
|
तादृशि |
तादृशोः |
तादृक्षु |
|
हे तादृक् / हे तादृग् |
हे तादृशौ |
हे तादृशः |
|
तादृक् |
तादृशी |
तादृंशि |
|
तादृक् |
तादृशी |
तादृंशि |
|
तादृशा |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भिः |
|
तादृशे |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भ्यः |
|
तादृशः |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भ्यः |
|
तादृशः |
तादृशोः |
तादृशाम् |
|
तादृशि |
तादृशोः |
तादृक्षु |
|
हे तादृक् |
हे तादृशी |
हे तादृंशि |
|
द्विट् |
द्विषौ |
द्विषः |
|
द्विषम् |
द्विषौ |
द्विषः |
|
द्विषा |
द्विङ्भ्याम् |
द्विङ्भिः |
|
द्विषे |
द्विङ्भ्याम् |
द्विङ्भ्यः |
|
द्विषः |
द्विङ्भ्याम् |
द्विङ्भ्यः |
|
द्विषः |
द्विषोः |
द्विषाम् |
|
द्विषि |
द्विषोः |
द्विट्सु |
|
हे द्विट् |
हे द्विषौ |
हे द्विषः |
|
सुत्विट् |
सुत्विषी |
सुत्वींषि |
|
सुत्विट् |
सुत्विषी |
सुत्वींषि |
|
सुत्विषा |
सुत्विङ्भ्याम् |
सुत्विङ्भिः |
|
सुत्विषे |
सुत्विङ्भ्याम् |
सुत्विङ्भ्यः |
|
सुत्विषः |
सुत्विङ्भ्याम् |
सुत्विङ्भ्यः |
|
सुत्विषः |
सुत्विषोः |
सुत्विषाम् |
|
सुत्विषि |
सुत्विषोः |
सुत्विट्सु |
|
हे सुत्वि |
हे सुत्विषी |
हे सुत्वींषि |
|
वेधाः |
वेधसौ |
वेधसः |
|
वेधसम् |
वेधसौ |
वेधसः |
|
वेधसा |
वेधोभ्याम् |
वेधोभिः |
|
वेधसे |
वेधोभ्याम् |
वेधोभ्यः |
|
वेधसः |
वेधोभ्याम् |
वेधोभ्यः |
|
वेधसः |
वेधसोः |
वेधसाम् |
|
वेधसि |
वेधसोः |
वेधस्सु |
|
हे वेधः |
हे वेधसौ |
हे वेधसः |
|
श्रेयान् |
श्रेयांसौ |
श्रेयांसः |
|
श्रेयांसम् |
श्रेयांसौ |
श्रेयसः |
|
श्रेयसा |
श्रेयोभ्याम् |
श्रेयोभिः |
|
श्रेयसे |
श्रेयोभ्याम् |
श्रेयोभ्यः |
|
श्रेयसः |
श्रेयोभ्याम् |
श्रेयोभ्यः |
|
श्रेयसः |
श्रेयसोः |
श्रेयसाम् |
|
श्रेयसि |
श्रेयसोः |
श्रेयस्सु |
|
हे श्रेयन् |
हे श्रेयांसौ |
हे श्रेयांसः |
|
विद्वान् |
विद्वांसौ |
विद्वांसः |
|
विद्वांसम् |
विद्वांसौ |
विदुषः |
|
विदुषा |
विद्वद्भ्याम् |
विद्वद्भिः |
|
विदुषे |
विद्वद्भ्याम् |
विद्वद्भ्यः |
|
विदुषः |
विद्वद्भ्याम् |
विद्वद्भ्यः |
|
विदुषः |
विदुषोः |
विदुषाम् |
|
विदुषि |
विदुषोः |
विद्वत्सु |
|
हे विद्वन् |
हे विद्वांसौ |
हे विद्वांसः |
|
पुमान् |
पुमांसौ |
पुमांसः |
|
पुमांसम् |
पुमांसौ |
पुंसः |
|
पुंसा |
पुंभ्याम् |
पुंभिः |
|
पुंसे |
पुंभ्याम् |
पुंभ्यः |
|
पुंसः |
पुंभ्याम् |
पुंभ्यः |
|
पुंसः |
पुंसोः |
पुंसाम् |
|
पुंसि |
पुंसोः |
पुंसु |
|
हे पुमन् |
हे पुमांसौ |
हे पुमांसः |
|
दोः |
दोषौ |
दोषः |
|
दोषम् |
दोषौ |
दोषः |
|
दोषा |
दोर्भ्याम् |
दोर्भिः |
|
दोषे |
दोर्भ्याम् |
दोर्भ्यः |
|
दोषः |
दोर्भ्याम् |
दोर्भ्यः |
|
दोषः |
दोषोः |
दोषाम् |
|
दोषि |
दोषोः |
दोष्षु |
|
हे दोः |
हे दोषौ |
हे दोषः |
|
भाः |
भासौ |
भासः |
|
भासम् |
भासौ |
भासः |
|
भासा |
भाभ्याम् |
भाभिः |
|
भासे |
भाभ्याम् |
भाभ्यः |
|
भासः |
भाभ्याम् |
भाभ्यः |
|
भासः |
भासोः |
भासाम् |
|
भासि |
भासोः |
भास्सु |
|
हे भाः |
हे भासौ |
हे भासः |
|
मनः |
मनसी |
मनांसि |
|
मनः |
मनसी |
मनांसि |
|
मनसा |
मनोभ्याम् |
मनोभिः |
|
मनसे |
मनोभ्याम् |
मनोभ्यः |
|
मनसः |
मनोभ्याम् |
मनोभ्यः |
|
मनसः |
मनसोः |
मनसाम् |
|
मनसि |
मनसोः |
मनस्सु |
|
हे मनः |
हे मनसी |
हे मनांसि |
|
हविः |
हविषी |
हवीम्षि |
|
हविः |
हविषी |
हवीम्षि |
|
हविषा |
हविर्भ्याम् |
हविर्भिः |
|
हविषे |
हविर्भ्याम् |
हविर्भ्यः |
|
हविषः |
हविर्भ्याम् |
हविर्भ्यः |
|
हविषः |
हविषोः |
हविषाम् |
|
हविषि |
हविषोः |
हविष्षु |
|
हे हविः |
हे हविषी |
हे हवीम्षि |
|
वपुः |
वपुसी |
वपूंसि |
|
वपुः |
वपुसी |
वपूंसि |
|
वपुसा |
वपुर्भ्याम् |
वपुर्भिः |
|
वपुसे |
वपुर्भ्याम् |
वपुर्भ्यः |
|
वपुसः |
वपुर्भ्याम् |
वपुर्भ्यः |
|
वपुसः |
वपुसोः |
वपुसाम् |
|
वपुसि |
वपुसोः |
वपुःषु/ वपुष्षु |
|
हे वपुः |
हे वपुसी |
हे वपूंसि |
|
तस्थिवत् / तस्थिवद् |
तस्थुषी |
तस्थिवांसि |
|
तस्थिवत् / तस्थिवद् |
तस्थुषी |
तस्थिवांसि |
|
तस्थुषा |
तस्थिवद्भ्याम् |
तस्थिवद्भिः |
|
तस्थुषे |
तस्थिवद्भ्याम् |
तस्थिवद्भ्यः |
|
तस्थुषः |
तस्थिवद्भ्याम् |
तस्थिवद्भ्यः |
|
तस्थुषः |
तस्थुषोः |
तस्थुषाम् |
|
तस्थुषि |
तस्थुषोः |
तस्थिवत्सु |
|
हे तस्थिवत् / हे तस्थिवद् |
हे तस्थुषी |
हे तस्थिवांसि |
|
आशीः |
आशिषौ |
आशिषः |
|
आशिषम् |
आशिषौ |
आशिषः |
|
आशिषा |
आशीर्भ्याम् |
आशीर्भिः |
|
आशिषे |
आशीर्भ्याम् |
आशीर्भ्यः |
|
आशिषः |
आशीर्भ्याम् |
आशीर्भ्यः |
|
आशिषः |
आशिषोः |
आशिषाम् |
|
आशिषि |
आशिषोः |
आशीष्षु/ आशीःषु |
|
हे आशीः |
हे आशिषौ |
हे आशिषः |
|
लिट् / लिड् |
लिहौ |
लिहः |
|
लिहम् |
लिहौ |
लिहः |
|
लिहा |
लिड्भ्याम् |
लिड्भिः |
|
लिहे |
लिड्भ्याम् |
लिड्भ्यः |
|
लिहः |
लिड्भ्याम् |
लिड्भ्यः |
|
लिहः |
लिहोः |
लिहाम् |
|
लिहि |
लिहोः |
लिट्सु |
|
हे लिट् / हे लिड् |
हे लिहौ |
हे लिहः |
|
उपानत् / उपानद् |
उपानहौ |
उपानहः |
|
उपानहम् |
उपानहौ |
उपानहः |
|
उपानहा |
उपानद्भ्याम् |
उपानद्भिः |
|
उपानहे |
उपानद्भ्याम् |
उपानद्भ्यः |
|
उपानहः |
उपानद्भ्याम् |
उपानद्भ्यः |
|
उपानहः |
उपानहोः |
उपानहाम् |
|
उपानहि |
उपानहोः |
उपानत्सु |
|
हे उपानत्/ हे उपानद् |
हे उपानहौ |
हे उपानहः |
|
अम्भोरुट् |
अम्भोरुही |
अम्भोरुंहि |
|
अम्भोरुट् |
अम्भोरुही |
अम्भोरुंहि |
|
अम्भोरुहा |
अम्भोरुड्भ्याम् |
अम्भोरुड्भिः |
|
अम्भोरुहे |
अम्भोरुड्भ्याम् |
अम्भोरुड्भ्यः |
|
अम्भोरुहः |
अम्भोरुड्भ्याम् |
अम्भोरुड्भ्यः |
|
अम्भोरुहः |
अम्भोरुहोः |
अम्भोरुहाम् |
|
अम्भोरुहि |
अम्भोरुहोः |
अम्भोरुट्त्सु/ अम्भोरुट्सु |
|
हे अम्भोरुट् |
हे अम्भोरुही |
हे अम्भोरुंहि |
सर्वनामप्रकरणम्
|
सर्वः |
सर्वौ |
सर्वे |
|
सर्वम् |
सर्वौ |
सर्वान् |
|
सर्वेण |
सर्वाभ्याम् |
सर्वैः |
|
सर्वस्मै |
सर्वाभ्याम् |
सर्वेभ्यः |
|
सर्वस्मात्/ सर्वस्माद् |
सर्वाभ्याम् |
सर्वेभ्यः |
|
सर्वस्य |
सर्वयोः |
सर्वेषाम् |
|
सर्वस्मिन् |
सर्वयोः |
सर्वेषु |
|
हे सर्व |
हे सर्वौ |
हे सर्वे |
|
सर्वा |
सर्वे |
सर्वाः |
|
सर्वाम् |
सर्वे |
सर्वाः |
|
सर्वया |
सर्वाभ्याम् |
सर्वाभिः |
|
सर्वस्यै |
सर्वाभ्याम् |
सर्वाभ्यः |
|
सर्वस्याः |
सर्वाभ्याम् |
सर्वाभ्यः |
|
सर्वस्याः |
सर्वयोः |
सर्वासाम् |
|
सर्वस्याम् |
सर्वयोः |
सर्वासु |
|
हे सर्वे |
हे सर्वे |
हे सर्वाः |
|
सर्वम् |
सर्वे |
सर्वाणि |
|
सर्वम् |
सर्वे |
सर्वाणि |
|
सर्वेण |
सर्वाभ्याम् |
सर्वैः |
|
सर्वस्मै |
सर्वाभ्याम् |
सर्वेभ्यः |
|
सर्वस्मात्/ सर्वस्माद् |
सर्वाभ्याम् |
सर्वेभ्यः |
|
सर्वस्य |
सर्वयोः |
सर्वेषाम् |
|
सर्वस्मिन् |
सर्वयोः |
सर्वेषु |
|
हे सर्व |
हे सर्वे |
हे सर्वाणि |
|
पुंसि |
स्त्रियां |
क्लीबे |
|
उभौ |
उभे |
उभे |
|
उभौ |
उभे |
उभे |
|
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
|
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
|
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
|
उभयोः |
उभयोः |
उभयोः |
|
उभयोः |
उभयोः |
उभयोः |
|
हे उभौ |
हे उभे |
हे उभे |
|
सः |
तौ |
ते |
|
तम् |
तौ |
तान् |
|
तेन |
ताभ्याम् |
तैः |
|
तस्मै |
ताभ्याम् |
तेभ्यः |
|
तस्मात् |
ताभ्याम् |
तेभ्यः |
|
तस्य |
तयोः |
तेषाम् |
|
तस्मिन् |
तयोः |
तेषु |
|
सा |
ते |
ताः |
|
ताम् |
ते |
ताः |
|
तया |
ताभ्याम् |
ताभिः |
|
तस्यै |
ताभ्याम् |
ताभ्यः |
|
तस्याः |
ताभ्याम् |
ताभ्यः |
|
तस्याः |
तयोः |
तासाम् |
|
तस्याम् |
तयोः |
तासु |
|
तत् |
ते |
तानि |
|
तत् |
ते |
तानि |
|
तेन |
ताभ्याम् |
तैः |
|
तस्मै |
ताभ्याम् |
तेभ्यः |
|
तस्मात् |
ताभ्याम् |
तेभ्यः |
|
तस्य |
तयोः |
तेषाम् |
|
तस्मिन् |
तयोः |
तेषु |
|
कः |
कौ |
के |
|
कम् |
कौ |
कान् |
|
केन |
काभ्याम् |
कैः |
|
कस्मै |
काभ्याम् |
केभ्यः |
|
कस्मात् |
काभ्याम् |
केभ्यः |
|
कस्य |
कयोः |
केषाम् |
|
कस्मिन् |
कयोः |
केषु |
|
का |
के |
काः |
|
काम् |
के |
काः |
|
कया |
काभ्याम् |
काभिः |
|
कस्यै |
काभ्याम् |
काभ्यः |
|
कस्याः |
काभ्याम् |
काभ्यः |
|
कस्याः |
कयोः |
कासाम् |
|
कस्याम् |
कयोः |
कासु |
|
किम् |
के |
कानि |
|
किम् |
के |
कानि |
|
केन |
काभ्याम् |
कैः |
|
कस्मै |
काभ्याम् |
केभ्यः |
|
कस्मात् |
काभ्याम् |
केभ्यः |
|
कस्य |
कयोः |
केषाम् |
|
कस्मिन् |
कयोः |
केषु |
|
अयम् |
इमौ |
इमे |
|
इमम्/ एनम् |
इमौ/ एनौ |
इमान्/ एनान् |
|
अनेन/ एनेन |
आभ्याम् |
एभिः |
|
अस्मै |
आभ्याम् |
एभ्यः |
|
अस्मात्/ अस्माद् |
आभ्याम् |
एभ्यः |
|
अस्य |
अनयोः/ एनयोः |
एषाम् |
|
अस्मिन् |
अनयोः/ एनयोः |
एषु |
|
इयम् |
इमे |
इमाः |
|
इमाम्/ एनाम् |
इमे/ एने |
इमाः/ एनाः |
|
अनया/ एनया |
आभ्याम् |
आभिः |
|
अस्यै |
आभ्याम् |
आभ्यः |
|
अस्याः |
आभ्याम् |
आभ्यः |
|
अस्याः |
अनयोः/ एनयोः |
आसाम् |
|
अस्याम् |
अनयोः/ एनयोः |
आसु |
|
इदम् |
इमे |
इमानि |
|
इदम्/ एनत्/ एनद् |
इमे/ एने |
इमानि/ एनानि |
|
अनेन/ एनेन |
आभ्याम् |
एभिः |
|
अस्मै |
आभ्याम् |
एभ्यः |
|
अस्मात्/ अस्माद् |
आभ्याम् |
एभ्यः |
|
अस्य |
अनयोः/ एनयोः |
एषाम् |
|
अस्मिन् |
अनयोः/ एनयोः |
एषु |
|
असौ |
अमू |
अमी |
|
अमूम् |
अमू |
अमून् |
|
अमुना |
अमूभ्याम् |
अमीभिः |
|
अमुष्मै |
अमूभ्याम् |
अमीभ्यः |
|
अमुष्मात्/ अमुष्माद् |
अमूभ्याम् |
अमीभ्यः |
|
अमुष्य |
अमुयोः |
अमीषाम् |
|
अमुष्मिन् |
अमुयोः |
अमीषु |
|
असौ |
अमू |
अमूः |
|
अमूम् |
अमू |
अमूः |
|
अमुया |
अमूभ्याम् |
अमूभिः |
|
अमुष्यै |
अमूभ्याम् |
अमूभ्यः |
|
अमुष्याः |
अमूभ्याम् |
अमूभ्यः |
|
अमुष्याः |
अमुयोः |
अमूषाम् |
|
अमुष्याम् |
अमुयोः |
अमूषु |
|
अदः |
अमू |
अमूनि |
|
अदः |
अमू |
अमूनि |
|
अमुना |
अमूभ्याम् |
अमीभिः |
|
अमुष्मै |
अमूभ्याम् |
अमीभ्यः |
|
अमुष्मात्/अमुष्माद् |
अमूभ्याम् |
अमीभ्यः |
|
अमुष्य |
अमुयोः |
अमीषाम् |
|
अमुष्मिन् |
अमुयोः |
अमीषु |
|
भवान् |
भवन्तौ |
भवन्तः |
|
भवन्तम् |
भवन्तौ |
भवतः |
|
भवता |
भवद्भ्याम् |
भवद्भिः |
|
भवते |
भवद्भ्याम् |
भवद्भ्यः |
|
भवतः |
भवद्भ्याम् |
भवद्भ्यः |
|
भवतः |
भवतोः |
भवताम् |
|
भवति |
भवतोः |
भवत्सु |
|
हे भवन् |
हे भवन्तौ |
हे भवन्तः |
|
भवती |
भवत्यौ |
भवत्यः |
|
भवतीम् |
भवत्यौ |
भवतीः |
|
भवत्या |
भवतीभ्याम् |
भवतीभिः |
|
भवत्यै |
भवतीभ्याम् |
भवतीभ्यः |
|
भवत्याः |
भवतीभ्याम् |
भवतीभ्यः |
|
भवत्याः |
भवत्योः |
भवतीनाम् |
|
भवत्याम् |
भवत्योः |
भवतीषु |
|
हे भवति |
हे भवत्यौ |
हे भवत्यः |
॥ अथ श्यामलादण्डकम् ॥
॥ ध्यानम् ॥
माणिक्यवीणामुपलालयन्तीं
मदालसां मञ्जुलवाग्विलासाम्।
माहेन्द्रनीलद्युतिकोमलाङ्गीं
मातङ्गकन्यां मनसा स्मरामि॥ १॥
चतुर्भुजे चन्द्रकलावतंसे
कुचोन्नते कुङ्कुमरागशोणे ।
पुण्ड्रेक्षुपाशाङ्कुशपुष्पबाणहस्ते
नमस्ते जगदेकमातः॥ २॥
॥ विनियोगः ॥
माता मरकतश्यामा
मातङ्गी मदशालिनी ।
कुर्यात् कटाक्षं कल्याणी
कदम्बवनवासिनी ॥ ३॥
॥ स्तुतिः ॥
जय मातङ्गतनये
जय नीलोत्पलद्युते ।
जय सङ्गीतरसिके
जय लीलाशुकप्रिये ॥ ४॥
॥ प्रथमं दण्डकम् ॥
जय जननि! सुधासमुद्रान्त-हृद्यन्मणीद्वीप-संरूढ्बिल्वाटवीमध्य-कल्पद्रुमाकल्प-कादम्बकान्तारवासप्रिये! कृत्तिवासप्रिये! सर्वलोकप्रिये!
॥ द्वितीयं दण्डकम् ॥
सुललितनवयौवनारम्भ-चन्द्रोदयोद्वेल-लावण्य-दुग्धार्णवाविर्भवत्-कम्बुबिम्बोकभृत्कन्धरे! सत्कलामन्दिरे! मन्थरे!
॥ तृतीयं दण्डकम् ॥
विकसितनवकिंशुकाताम्रदिव्यांशुकच्छन्नचारूरुशोभापराभूतसिन्दूरशोणायमानेन्द्रमातङ्गहस्तार्गले! वैभवानर्गले! श्यामले!
॥ चतुर्थं दण्डकम् ॥
सुरुचिरनवरत्नपीठस्थिते! सुस्थिते!
॥ पञ्चमं दण्डकम् ॥
श्रवणहरदक्षिणक्वाणया वीणया किन्नरैर्गीयसे।
सर्वतीर्थात्मिके! सर्वमन्त्रात्मिके!
सादरारब्ध-सङ्गीत-सम्भावनासम्भ्रमालोल-नीपस्रगाबद्ध-चूलीसनाथत्रिके! सानुमत्पुत्रिके!
शेखरीभूत-शीतांशुरेखामयूखावलीबद्ध-सुस्निग्धनीलालकश्रेणिशृङ्गारिते! लोकसम्भाविते!
कामलीलाधनुस्सन्निभ-भ्रूलतापुष्प-सन्दोहसन्देहकृल्लोचने! वाक्सुधासेचने!
चारुगोरोचनापङ्क-केलीललामाभिरामे! सुरामे! रमे!
प्रोल्लसद्ध्वालिका-मौक्तिकश्रेणिका-चन्द्रिकामण्डलोद्भासि-लावण्यगण्डस्थलन्यस्त-कस्तूरिकापत्र-रेखासमुद्भूत-सौरभ्य-सम्भ्रान्त-भृङ्गाङ्गनागीत-सान्द्रीभवन्मन्द्रतन्त्रीस्वरे! सुस्वरे! भास्वरे!
वल्लकीवादनप्रक्रियालोल-तालीदलाबद्ध-ताटङ्कभूषाविशेषान्विते! सिद्धसम्मानिते!
दिव्यहालामदोद्वेल-हेलालसच्चक्षुरान्दोलन-श्रीसमाक्षिप्तकर्णैकनीलोत्पले! पूरिताशेषलोकाभिवाञ्छाफले! श्रीफले!
स्वेदबिन्दूल्लसद्फाललावण्य-निष्यन्द-सन्दोहसन्देहकृन्नासिकामौक्तिके! सर्वविश्वात्मिके! कालिके!
मुग्द्धमन्दस्मितोदारवक्त्रस्फुरत्पूगताम्बूलकर्पूरखण्डोत्करे! ज्ञानमुद्राकरे! सर्वसम्पत्करे! पद्मभास्वत्करे!
कुन्दपुष्पद्युतिस्निग्धदन्तावलीनिर्मलालोलकल्लोलसम्मेलनस्मेरशोणाधरे! चारुवीणाधरे! पक्वबिम्बाधरे!
दिव्यरत्नप्रभाबन्धुरच्छन्नहारादिभूषासमुद्योतमानानवद्यांशुशोभे! शुभे!
रत्नकेयूररश्मिच्छटापल्लवप्रोल्लसद्दोल्लताराजिते! योगिभिः पूजिते!
विश्वदिङ्मण्डलव्याप्तमाणिक्यतेजस्स्फुरत्कङ्कणालङ्कृते! विभ्रमालङ्कृते! साधकैः सत्कृते!
वासरारम्भवेलासमुज्जृम्भमाणारविन्दप्रतिद्वन्द्विपाणिद्वये! सन्ततोद्यद्दये! अद्वये!
दिव्यरत्नोर्मिकादीधितिस्तोमसन्ध्यायमानाङ्गुलीपल्लवोद्यन्नखेन्दुप्रभामण्डले! सन्नताखण्डले! चित्प्रभामण्डले! प्रोल्लसत्कुण्डले!
तारकाराजिनीकाशहारावलिस्मेरचारुस्तनाभोगभारानमन्मध्यवल्लीवलिच्छेदवीचीसमुद्यत्समुल्लाससन्दर्शिताकारसौन्दर्यरत्नाकरे! वल्लकीभृत्करे!किङ्करश्रीकरे!
हेमकुम्भोपमोत्तुङ्गवक्षोजभारावनम्रे! त्रिलोकावनम्रे!
लसद्वृत्तगम्भीरनाभीसरस्तीरशैवालशङ्काकरश्यामरोमावलीभूषणे! मञ्जुसम्भाषणे!
चारुशिञ्चत्कटीसूत्रनिर्भत्सितानङ्गलीलाधनुश्शिञ्चिनीडम्बरे! दिव्यरत्नाम्बरे!
पद्मरागोल्लसन्मेखलाभास्वरश्रोणिशोभाजितस्वर्णभूभृत्तले! चन्द्रिकाशीतले!
कोमलस्निग्द्धनीलोत्पलोत्पादितानङ्गतूणीरशङ्काकरोदारजङ्घालते! चारुलीलागते!
नम्रदिक्पालसीमन्तिनीकुन्तलस्निग्द्धनीलप्रभापुञ्चसञ्जातदूर्वाङ्कुराशङ्कसारङ्गसंयोगरिङ्खन्नखेन्दूज्ज्वले! प्रोज्ज्वले! निर्मले!
प्रह्वदेवेशलक्ष्मीशभूतेशतोयेशवाणीशकीनाशदैत्येशयक्षेशवाय्वग्निकोटीरमाणिक्यसंहृष्टबालातपोद्दामलाक्षारसारुण्यतारुण्यलक्ष्मीगृहिताङ्घ्रिपद्म्मे! सुपद्मे! रमे!
रक्तपद्मासने! रत्नसिम्हासने! शङ्खपद्मद्वयोपाश्रिते! आश्रिते!
तत्र विघ्नेशदुर्गावटुक्षेत्रपालैर्युते!
मत्तमातङ्गकन्यासमूहान्विते!
मञ्चुलामेनकाद्यङ्गनामानिते! भैरवैरष्टभिर्वेष्टिते!
देवि वामादिभिः शक्तिभिस्सेविते!
धात्रि! लक्ष्म्यादिशक्त्यष्टकैः संयुते!
मातृकामण्डलैर्मण्डिते!
यक्षगन्धर्वसिद्धाङ्गनामण्डलैरर्चिते!
पञ्चबाणात्मिके!
पञ्चबाणेन रत्या चसम्भाविते!
प्रीतिभाजा वसन्तेन चानन्दिते।
भक्तिभाजां परं श्रेयसे कल्पसे।
योगिनां मानसे द्योतसे।
छन्दसामोजसा भ्राजसे।
गीतविद्याविनोदातितृष्णेन कृष्णेन सम्पूज्यसे।
भक्तिमच्चेतसा वेधसा स्तूयसे।
विश्वहृद्येन वाद्येन विद्याधरैर्गीयसे।
यक्षगन्धर्वसिद्धाङ्गनामण्डलैरर्च्यसे।
सर्वसौभाग्यवाञ्छावतीभिर्वधूभिस्सुराणां समाराध्यसे।
सर्वविद्याविशेषत्मकं चाटुगाथासमुच्चारणं कण्ठमूलोल्लसद्वर्णराजित्रयं कोमलश्यामलोदारपक्षद्वयं तुण्डशोभातिदूरीभवत् किंशुकं तं शुकं लालयन्ती परिक्रीडसे।
पाणिपद्मद्वयेनाक्षमालामपि स्फाटिकीं ज्ञानसारात्मकं पुस्तकं चाङ्कुशं पाशमाबिभ्रती येन सञ्चिन्त्यसे तस्य वक्त्रान्तरात् गद्यपद्यात्मिका भारती निस्सरेत्।
येन वा यावकाभाकृतिर्भाव्यसे तस्य वश्या भवन्ति स्त्रियः पूरुषाः।
येन वा शातकुम्भद्युतिर्भाव्यसे सोऽपि लक्ष्मीसहस्रैः परिक्रीडते।
किन्न सिद्ध्येद्वपुः श्यामलं कोमलं चन्द्रचूडान्वितं तावकं ध्यायतः।
तस्य लीला सरोवारिधीः। तस्य केलीवनं नन्दनम्। तस्य भद्रासनं भूतलम्। स्य गीर्देवता किङ्करी।
तस्य चाज्ञाकरी श्रीस्वयम्।
सर्वयन्त्रात्मिके! सर्वतन्त्रात्मिके!
सर्वचक्रात्मिके! सर्ववेदात्मिके!
सर्वतत्त्वात्मिके! सर्वपीठात्मिके!
सर्वशक्त्यात्मिके! सर्वविद्यात्मिके!
सर्वयोगात्मिके! सर्वनादात्मिके!
सर्वशब्दात्मिके! सर्ववर्णात्मिके!
सर्वविश्वात्मिके! सर्वदीक्षात्मिके!
सर्ववर्गात्मिके! सर्वगे!
हे जगन्मातृके!
पाहि मां। पाहि मां। पाहि मां। पाहि।
देवि तुभ्यं नमो देवि तुभ्यं नमो देवि तुभ्यं नमो नमः।
॥ इति श्यामलादण्डकम् सम्पूर्णम् ॥
अजन्तप्रकरणम्
|
रामः |
रामौ |
रामाः |
|
रामम् |
रामौ |
रामान् |
|
रामेण |
रामाभ्याम् |
रामैः |
|
रामाय |
रामाभ्याम् |
रामेभ्यः |
|
रामात् |
रामाभ्याम् |
रामेभ्यः |
|
रामस्य |
रामयोः |
रामाणाम् |
|
रामे |
रामयोः |
रामेषु |
|
हे राम |
हे रामौ |
हे रामाः |
|
सीता |
सीते |
सीताः |
|
सीताम् |
सीते |
सीताः |
|
सीतया |
सीताभ्याम् |
सीताभिः |
|
सीतायै |
सीताभ्याम् |
सीताभ्यः |
|
सीतायाः |
सीताभ्याम् |
सीताभ्यः |
|
सीतायाः |
सीतयोः |
सीतानाम् |
|
सीतायाम् |
सीतयोः |
सीतासु |
|
हे सीते |
हे सीते |
हे सीताः |
|
नदी |
नद्यौ |
नद्यः |
|
नदीम् |
नद्यौ |
नदीः |
|
नद्या |
नदीभ्याम् |
नदीभिः |
|
नद्यै |
नदीभ्याम् |
नदीभ्यः |
|
नद्याः |
नदीभ्याम् |
नदीभ्यः |
|
नद्याः |
नद्योः |
नदीनाम् |
|
नद्याम् |
नद्योः |
नदीषु |
|
हे नदि |
हे नद्यौ |
हे नद्यः |
|
श्रीः |
श्रियौ |
श्रियः |
|
श्रियम् |
श्रियौ |
श्रियः |
|
श्रिया |
श्रीभ्याम् |
श्रीभिः |
|
श्रियै / श्रिये |
श्रीभ्याम् |
श्रीभ्यः |
|
श्रियाः / श्रियः |
श्रीभ्याम् |
श्रीभ्यः |
|
श्रियाः / श्रियः |
श्रियोः |
श्रीणाम् /श्रियाम् |
|
श्रियाम् / श्रियि |
श्रियोः |
श्रीषु |
|
हे श्रीः |
हे श्रियौ |
हे श्रियः |
|
स्त्री |
स्त्रियौ |
स्त्रियः |
|
स्त्रियम्/ स्त्रीम् |
स्त्रियौ |
स्त्रियः/ स्त्रीः |
|
स्त्रिया |
स्त्रीभ्याम् |
स्त्रीभिः |
|
स्त्रियै |
स्त्रीभ्याम् |
स्त्रीभ्यः |
|
स्त्रियाः |
स्त्रीभ्याम् |
स्त्रीभ्यः |
|
स्त्रियाः |
स्त्रियोः |
स्त्रीणाम् |
|
स्त्रियाम् |
स्त्रियोः |
स्त्रीषु |
|
हे स्त्रि |
हे स्त्रियौ |
हे स्त्रियः |
|
वनम् |
वने |
वनानि |
|
वनम् |
वने |
वनानि |
|
वनेन |
वनाभ्याम् |
वनैः |
|
वनाय |
वनाभ्याम् |
वनेभ्यः |
|
वनात् |
वनाभ्याम् |
वनेभ्यः |
|
वनस्य |
वनयोः |
वनानाम् |
|
वने |
वनयोः |
वनेषु |
|
हे वन |
हे वने |
हे वनानि |
|
हरिः |
हरी |
हरयः |
|
हरिम् |
हरी |
हरीन् |
|
हरिणा |
हरिभ्याम् |
हरिभिः |
|
हरये |
हरिभ्याम् |
हरिभ्यः |
|
हरेः |
हरिभ्याम् |
हरिभ्यः |
|
हरेः |
हर्योः |
हरीणाम् |
|
हरौ |
हर्योः |
हरिषु |
|
हे हरे |
हे हरी |
हे हरयः |
|
पतिः |
पती |
पतयः |
|
पतिम् |
पती |
पतीन् |
|
पत्या |
पतिभ्याम् |
पतिभिः |
|
पत्ये |
पतिभ्याम् |
पतिभ्यः |
|
पत्युः |
पतिभ्याम् |
पतिभ्यः |
|
पत्युः |
पत्योः |
पतीनाम् |
|
पत्यौ |
पत्योः |
पतिषु |
|
हे पते |
हे पती |
हे पतयः |
|
सखा |
सखायौ |
सखायः |
|
सखायम् |
सखायौ |
सखीन् |
|
सख्या |
सखिभ्याम् |
सखिभिः |
|
सख्ये |
सखिभ्याम् |
सखिभ्यः |
|
सख्युः |
सखिभ्याम् |
सखिभ्यः |
|
सख्युः |
सख्योः |
सखीनाम् |
|
सख्यौ |
सख्योः |
सखिषु |
|
हे सखे |
हे सखायौ |
हे सखायः |
|
मतिः |
मती |
मतयः |
|
मतिम् |
मती |
मतीः |
|
मत्या |
मतिभ्याम् |
मतिभिः |
|
मत्यै/मतये |
मतिभ्याम् |
मतिभ्यः |
|
मत्याः/मतेः |
मतिभ्याम् |
मतिभ्यः |
|
मत्याः/मतेः |
मत्योः |
मतीनाम् |
|
मत्याम्/मतौ |
मत्योः |
मतिषु |
|
हे मते |
हे मती |
हे मतयः |
|
वारि |
वारिणी |
वारीणि |
|
वारि |
वारिणी |
वारीणि |
|
वारिणा |
वारिभ्याम् |
वारिभिः |
|
वारिणे |
वारिभ्याम् |
वारिभ्यः |
|
वारिणः |
वारिभ्याम् |
वारिभ्यः |
|
वारिणः |
वारिणोः |
वारीणाम् |
|
वारिणि |
वारिणोः |
वारिषु |
|
हे वारे/ |
हे वारिणी |
हे वारीणि |
|
दधि |
दधिनी |
दधीनि |
|
दधि |
दधिनी |
दधीनि |
|
दध्ना |
दधिभ्याम् |
दधिभिः |
|
दध्ने |
दधिभ्याम् |
दधिभ्यः |
|
दध्नः |
दधिभ्याम् |
दधिभ्यः |
|
दध्नः |
दध्नोः |
दध्नाम् |
|
दध्नि/ |
दध्नोः |
दधिषु |
|
हे दधे/ |
हे दधिनी |
हे दधीनि |
|
शुचि |
शुचिनी |
शुचीनि |
|
शुचि |
शुचिनी |
शुचीनि |
|
शुचिना |
शुचिभ्याम् |
शुचिभिः |
|
शुचिने/ शुचये |
शुचिभ्याम् |
शुचिभ्यः |
|
शुचिनः/ शुचेः |
शुचिभ्याम् |
शुचिभ्यः |
|
शुचिनः/ शुचेः |
शुचिनोः/ शुच्योः |
शुचीनाम् |
|
शुचिनि/ शुचौ |
शुचिनोः/ शुच्योः |
शुचिषु |
|
हे शुचे/ हे शुचि |
हे शुचिनी |
हे शुचीनि |
|
गुरुः |
गुरू |
गुरवः |
|
गुरुम् |
गुरू |
गुरून् |
|
गुरुणा |
गुरुभ्याम् |
गुरुभिः |
|
गुरवे |
गुरुभ्याम् |
गुरुभ्यः |
|
गुरोः |
गुरुभ्याम् |
गुरुभ्यः |
|
गुरोः |
गुर्वोः |
गुरूणाम् |
|
गुरौ |
गुर्वोः |
गुरुषु |
|
हे गुरो |
हे गुरू |
हे गुरवः |
|
धेनुः |
धेनू |
धेनवः |
|
धेनुम् |
धेनू |
धेनूः |
|
धेन्वा |
धेनुभ्याम् |
धेनुभिः |
|
धेन्वै/ धेनवे |
धेनुभ्याम् |
धेनुभ्यः |
|
धेन्वाः/ धेनोः |
धेनुभ्याम् |
धेनुभ्यः |
|
धेन्वाः/ धेनोः |
धेन्वोः |
धेनूनाम् |
|
धेन्वाम्/ धेनौ |
धेन्वोः |
धेनुषु |
|
हे धेनो |
हे धेनू |
हे धेनवः |
|
वधूः |
वध्वौ |
वध्वः |
|
वधूम् |
वध्वौ |
वधूः |
|
वध्वा |
वधूभ्याम् |
वधूभिः |
|
वध्वै |
वधूभ्याम् |
वधूभ्यः |
|
वध्वाः |
वधूभ्याम् |
वधूभ्यः |
|
वध्वाः |
वध्वोः |
वधूनाम् |
|
वध्वाम् |
वध्वोः |
वधूषु |
|
हे वधु |
हे वध्वौ |
हे वध्वः |
|
भूः |
भुवौ |
भुवः |
|
भुवम् |
भुवौ |
भुवः |
|
भुवा |
भूभ्याम् |
भूभिः |
|
भुवै/ भुवे |
भूभ्याम् |
भूभ्यः |
|
भुवाः/ भुवः |
भूभ्याम् |
भूभ्यः |
|
भुवाः/ भुवः |
भुवोः |
भूनाम्/ भुवाम् |
|
भुवाम्/ भुवि |
भुवोः |
भूषु |
|
हे भूः |
हे भुवौ |
हे भुवः |
|
मधु |
मधुनी |
मधूनि |
|
मधु |
मधुनी |
मधूनि |
|
मधुना |
मधुभ्याम् |
मधुभिः |
|
मधुने |
मधुभ्याम् |
मधुभ्यः |
|
मधुनः |
मधुभ्याम् |
मधुभ्यः |
|
मधुनः |
मधुनोः |
मधूनाम् |
|
मधुनि |
मधुनोः |
मधुषु |
|
हे मधो/ |
हे मधुनी |
हे मधूनि |
|
गुरु |
गुरुणी |
गुरूणि |
|
गुरु |
गुरुणी |
गुरूणि |
|
गुरुणा |
गुरुभ्याम् |
गुरुभिः |
|
गुरुणे/ गुरवे |
गुरुभ्याम् |
गुरुभ्यः |
|
गुरुणः/ गुरोः |
गुरुभ्याम् |
गुरुभ्यः |
|
गुरुणः/ गुरोः |
गुरुणोः/ गुर्वोः |
गुरूणाम् |
|
गुरुणि/ गुरौ |
गुरुणोः/ गुर्वोः |
गुरुषु |
|
हे गुरो/ हे गुरु |
हे गुरुणी |
हे गुरूणि |
|
दाता |
दातारौ |
दातारः |
|
दातारम् |
दातारौ |
दातॄन् |
|
दात्रा |
दातृभ्याम् |
दातृभिः |
|
दात्रे |
दातृभ्याम् |
दातृभ्यः |
|
दातुः |
दातृभ्याम् |
दातृभ्यः |
|
दातुः |
दात्रोः |
दातॄणाम् |
|
दातरि |
दात्रोः |
दातृषु |
|
हे दातः |
हे दातारौ |
हे दातारः |
|
स्वसा |
स्वसारौ |
स्वसारः |
|
स्वसारम् |
स्वसारौ |
स्वसॄः |
|
स्वस्रा |
स्वसृभ्याम् |
स्वसृभिः |
|
स्वस्रे |
स्वसृभ्याम् |
स्वसृभ्यः |
|
स्वसुः |
स्वसृभ्याम् |
स्वसृभ्यः |
|
स्वसुः |
स्वस्रोः |
स्वसॄणाम् |
|
स्वसरि |
स्वस्रोः |
स्वसृषु |
|
हे स्वसः |
हे स्वसारौ |
हे स्वसारः |
|
पिता |
पितरौ |
पितरः |
|
पितरम् |
पितरौ |
पितॄन् |
|
पित्रा |
पितृभ्याम् |
पितृभिः |
|
पित्रे |
पितृभ्याम् |
पितृभ्यः |
|
पितुः |
पितृभ्याम् |
पितृभ्यः |
|
पितुः |
पित्रोः |
पितॄणाम् |
|
पितरि |
पित्रोः |
पितृषु |
|
हे पितः |
हे पितरौ |
हे पितरः |
|
माता |
मातरौ |
मातरः |
|
मातरम् |
मातरौ |
मातॄः |
|
मात्रा |
मातृभ्याम् |
मातृभिः |
|
मात्रे |
मातृभ्याम् |
मातृभ्यः |
|
मातुः |
मातृभ्याम् |
मातृभ्यः |
|
मातुः |
मात्रोः |
मातॄणाम् |
|
मातरि |
मात्रोः |
मातृषु |
|
हे मातः |
हे मातरौ |
हे मातरः |
|
दातृ |
दातृणी |
दातॄणी |
|
दातृ |
दातृणी |
दातॄणी |
|
दातृणा/ दात्रा |
दातृभ्याम् |
दातृभिः |
|
दातृणे/ दात्रे |
दातृभ्याम् |
दातृभ्यः |
|
दातृणः/ दातुः |
दातृभ्याम् |
दातृभ्यः |
|
दातृणः/ दातुः |
दातृणोः/ दात्रोः |
दातॄणाम् |
|
दातृणि/ दातरि |
दातृणोः/ दात्रोः |
दातृषु |
|
हे दातः/ |
हे दातृणी |
हे दातॄणी |
|
राः |
रायौ |
रायः |
|
रायम् |
रायौ |
रायः |
|
राया |
राभ्याम् |
राभिः |
|
राये |
राभ्याम् |
राभ्यः |
|
रायः |
राभ्याम् |
राभ्यः |
|
रायः |
रायोः |
रायाम् |
|
रायि |
रायोः |
रासु |
|
हे राः |
हे रायौ |
हे रायः |
|
गौः |
गावौ |
गावः |
|
गाम् |
गावौ |
गाः |
|
गवा |
गोभ्याम् |
गोभिः |
|
गवे |
गोभ्याम् |
गोभ्यः |
|
गोः |
गोभ्याम् |
गोभ्यः |
|
गोः |
गवोः |
गवाम् |
|
गवि |
गवोः |
गोषु |
|
हे गौः |
हे गावौ |
हे गावः |
हलन्तप्रकरणम्
|
जलमुक्/ जलमुग् |
जलमुचौ |
जलमुचः |
|
जलमुचम् |
जलमुचौ |
जलमुचः |
|
जलमुचा |
जलमुग्भ्याम् |
जलमुग्भिः |
|
जलमुचे |
जलमुग्भ्याम् |
जलमुग्भ्यः |
|
जलमुचः |
जलमुग्भ्याम् |
जलमुग्भ्यः |
|
जलमुचः |
जलमुचोः |
जलमुचाम् |
|
जलमुचि |
जलमुचोः |
जलमुक्षु |
|
हे जलमुक्/ हे जलमुग् |
हे जलमुचौ |
हे जलमुचः |
|
वाक् / वाग् |
वाचौ |
वाचः |
|
वाचम् |
वाचौ |
वाचः |
|
वाचा |
वाग्भ्याम् |
वाग्भिः |
|
वाचे |
वाग्भ्याम् |
वाग्भ्यः |
|
वाचः |
वाग्भ्याम् |
वाग्भ्यः |
|
वाचः |
वाचोः |
वाचाम् |
|
वाचि |
वाचोः |
वाक्षु |
|
हे वाक् / हे वाग् |
हे वाचौ |
हे वाचः |
|
सुवाक् |
सुवाची |
सुवाञ्चि |
|
सुवाक् |
सुवाची |
सुवाञ्चि |
|
सुवाचा |
सुवाग्भ्याम् |
सुवाग्भिः |
|
सुवाचे |
सुवाग्भ्याम् |
सुवाग्भ्यः |
|
सुवाचः |
सुवाग्भ्याम् |
सुवाग्भ्यः |
|
सुवाचः |
सुवाचोः |
सुवाचाम् |
|
सुवाचि |
सुवाचोः |
सुवाक्षु |
|
हे सुवाक् / हे सुवाग् |
हे सुवाची |
हे सुवाञ्चि |
|
राट् / राड् |
राजौ |
राजः |
|
राजम् |
राजौ |
राजः |
|
राजा |
राड्भ्याम् |
राड्भिः |
|
राजे |
राड्भ्याम् |
राड्भ्यः |
|
राजः |
राड्भ्याम् |
राड्भ्यः |
|
राजः |
राजोः |
राजाम् |
|
राजि |
राजोः |
राट्सु |
|
हे राट् / हे राड् |
हे राजौ |
हे राजः |
|
वणिक्/ वणिग् |
वणिजौ |
वणिजः |
|
वणिजम् |
वणिजौ |
वणिजः |
|
वणिजा |
वणिग्भ्याम् |
वणिग्भिः |
|
वणिजे |
वणिग्भ्याम् |
वणिग्भ्यः |
|
वणिजः |
वणिग्भ्याम् |
वणिग्भ्यः |
|
वणिजः |
वणिजोः |
वणिजाम् |
|
वणिजि |
वणिजोः |
वणिक्षु |
|
हे वणिक्/ हे वणिग् |
हे वणिजौ |
हे वणिजः |
|
स्रक्/ स्रग् |
स्रजौ |
स्रजः |
|
स्रजम् |
स्रजौ |
स्रजः |
|
स्रजा |
स्रग्भ्याम् |
स्रग्भिः |
|
स्रजे |
स्रग्भ्याम् |
स्रग्भ्यः |
|
स्रजः |
स्रग्भ्याम् |
स्रग्भ्यः |
|
स्रजः |
स्रजोः |
स्रजाम् |
|
स्रजि |
स्रजोः |
स्रक्षु |
|
हे स्रक्/ हे स्रग् |
हे स्रजौ |
हे स्रजः |
|
असृक् / असृग् |
असृजी |
असृञ्जि |
|
असृक्/ असृग् |
असृजी |
असृञ्जि/ असानि |
|
असृजा/ अस्ना |
असृग्भ्याम्/ असभ्याम् |
असृग्भिः/ असभिः |
|
असृजे/ अस्ने |
असृग्भ्याम् / असभ्याम् |
असृग्भ्यः/ असभ्यः |
|
असृजः/ अस्नः |
असृग्भ्याम् / असभ्याम् |
असृग्भ्यः/ असभ्यः |
|
असृजः/ अस्नः |
असृजोः/ अस्नोः |
असृजाम्/ अस्नाम् |
|
असृजि/ अस्नि/ असनि |
असृजोः/ अस्नोः |
असृक्षु/ अससु |
|
हे असृक्/ हे असृग् |
हे असृजी |
हे असृञ्जि |
|
महान् |
महान्तौ |
महान्तः |
|
महान्तम् |
महान्तौ |
महतः |
|
महता |
महद्भ्याम् |
महद्भिः |
|
महते |
महद्भ्याम् |
महद्भ्यः |
|
महतः |
महद्भ्याम् |
महद्भ्यः |
|
महतः |
महतोः |
महताम् |
|
महति |
महतोः |
महत्सु |
|
हे महन् |
हे महान्तौ |
हे महान्तः |
|
धीमान् |
धीमन्तौ |
धीमन्तः |
|
धीमन्तम् |
धीमन्तौ |
धीमतः |
|
धीमता |
धीमद्भ्याम् |
धीमद्भिः |
|
धीमते |
धीमद्भ्याम् |
धीमद्भ्यः |
|
धीमतः |
धीमद्भ्याम् |
धीमद्भ्यः |
|
धीमतः |
धीमतोः |
धीमताम् |
|
धीमति |
धीमतोः |
धीमत्सु |
|
हे धीमन् |
हे धीमन्तौ |
हे धीमन्तः |
|
पचन् |
पचन्तौ |
पचन्तः |
|
पचन्तम् |
पचन्तौ |
पचतः |
|
पचता |
पचद्भ्याम् |
पचद्भिः |
|
पचते |
पचद्भ्याम् |
पचद्भ्यः |
|
पचतः |
पचद्भ्याम् |
पचद्भ्यः |
|
पचतः |
पचतोः |
पचताम् |
|
पचति |
पचतोः |
पचत्सु |
|
हे पचन् |
हे पचन्तौ |
हे पचन्तः |
|
मरुत् |
मरुतौ |
मरुतः |
|
मरुतम् |
मरुतौ |
मरुतः |
|
मरुता |
मरुद्भ्याम् |
मरुद्भिः |
|
मरुते |
मरुद्भ्याम् |
मरुद्भ्यः |
|
मरुतः |
मरुद्भ्याम् |
मरुद्भ्यः |
|
मरुतः |
मरुतोः |
मरुताम् |
|
मरुति |
मरुतोः |
मरुत्सु |
|
हे मरुत् |
हे मरुतौ |
हे मरुतः |
|
सरित् |
सरितौ |
सरितः |
|
सरितम् |
सरितौ |
सरितः |
|
सरिता |
सरिद्भ्याम् |
सरिद्भिः |
|
सरिते |
सरिद्भ्याम् |
सरिद्भ्यः |
|
सरितः |
सरिद्भ्याम् |
सरिद्भ्यः |
|
सरितः |
सरितोः |
सरिताम् |
|
सरिति |
सरितोः |
सरित्सु |
|
हे सरित् |
हे सरितौ |
हे सरितः |
|
जगत् |
जगती |
जगन्ति |
|
जगत् |
जगती |
जगन्ति |
|
जगता |
जगद्भ्याम् |
जगद्भिः |
|
जगते |
जगद्भ्याम् |
जगद्भ्यः |
|
जगतः |
जगद्भ्याम् |
जगद्भ्यः |
|
जगतः |
जगतोः |
जगताम् |
|
जगति |
जगतोः |
जगत्सु |
|
हे जगत् |
हे जगती |
हे जगन्ति |
|
ददत् |
ददती |
ददति/ ददन्ति |
|
ददत् |
ददती |
ददति/ ददन्ति |
|
ददता |
ददद्भ्याम् |
ददद्भिः |
|
ददते |
ददद्भ्याम् |
ददद्भ्यः |
|
ददतः |
ददद्भ्याम् |
ददद्भ्यः |
|
ददतः |
ददतोः |
ददताम् |
|
ददति |
ददतोः |
ददत्सु |
|
हे ददत् |
हे ददती |
हे ददति/ हे ददन्ति |
|
तुदत् |
तुदती/ तुदन्ती |
तुदन्ति |
|
तुदत् |
तुदती/ तुदन्ती |
तुदन्ति |
|
तुदता |
तुदद्भ्याम् |
तुदद्भिः |
|
तुदते |
तुदद्भ्याम् |
तुदद्भ्यः |
|
तुदतः |
तुदद्भ्याम् |
तुदद्भ्यः |
|
तुदतः |
तुदतोः |
तुदताम् |
|
तुदति |
तुदतोः |
तुदत्सु |
|
हे तुदत् |
हे तुदती/ हे तुदन्ती |
हे तुदन्ति |
|
पचत् |
पचन्ती |
पचन्ति |
|
पचत् |
पचन्ती |
पचन्ति |
|
पचता |
पचद्भ्याम् |
पचद्भिः |
|
पचते |
पचद्भ्याम् |
पचद्भ्यः |
|
पचतः |
पचद्भ्याम् |
पचद्भ्यः |
|
पचतः |
पचतोः |
पचताम् |
|
पचति |
पचतोः |
पचत्सु |
|
हे पचत् |
हे पचती/ हे पचन्ती |
हे पचन्ति |
|
महत्/ महद् |
महती |
महान्ति |
|
महत्/ महद् |
महती |
महान्ति |
|
महता |
महद्भ्याम् |
महद्भिः |
|
महते |
महद्भ्याम् |
महद्भ्यः |
|
महतः |
महद्भ्याम् |
महद्भ्यः |
|
महतः |
महतोः |
महताम् |
|
महति |
महतोः |
महत्सु |
|
हे महत्/ हे महद् |
हे महती |
हे महान्ति |
|
सुहृत् |
सुहृदौ |
सुहृदः |
|
सुहृदम् |
सुहृदौ |
सुहृदः |
|
सुहृदा |
सुहृद्भ्याम् |
सुहृद्भिः |
|
सुहृदे |
सुहृद्भ्याम् |
सुहृद्भ्यः |
|
सुहृदः |
सुहृद्भ्याम् |
सुहृद्भ्यः |
|
सुहृदः |
सुहृदोः |
सुहृदाम् |
|
सुहृदि |
सुहृदोः |
सुहृत्सु |
|
हे सुहृत् |
हे सुहृदौ |
हे सुहृदः |
|
शरत् |
शरदौ |
शरदः |
|
शरदम् |
शरदौ |
शरदः |
|
शरदा |
शरद्भ्याम् |
शरद्भिः |
|
शरदे |
शरद्भ्याम् |
शरद्भ्यः |
|
शरदः |
शरद्भ्याम् |
शरद्भ्यः |
|
शरदः |
शरदोः |
शरदाम् |
|
शरदि |
शरदोः |
शरत्सु |
|
हे शरत् |
हे शरदौ |
हे शरदः |
|
हृत्/हृद् |
हृदी |
हृन्दि |
|
हृत्/हृद् |
हृदी |
हृन्दि |
|
हृदा |
हृद्भ्याम् |
हृद्भिः |
|
हृदे |
हृद्भ्याम् |
हृद्भ्यः |
|
हृदः |
हृद्भ्याम् |
हृद्भ्यः |
|
हृदः |
हृदोः |
हृदाम् |
|
हृदि |
हृदोः |
हृत्सु |
|
हे हृत्/ |
हे हृदी |
हे हृन्दि |
|
क्षुत् / क्षुद् |
क्षुधौ |
क्षुधः |
|
क्षुधम् |
क्षुधौ |
क्षुधः |
|
क्षुधा |
क्षुद्भ्याम् |
क्षुद्भिः |
|
क्षुधे |
क्षुद्भ्याम् |
क्षुद्भ्यः |
|
क्षुधः |
क्षुद्भ्याम् |
क्षुद्भ्यः |
|
क्षुधः |
क्षुधोः |
क्षुधाम् |
|
क्षुधि |
क्षुधोः |
क्षुत्सु |
|
हे क्षुत् / हे क्षुद् |
हे क्षुधौ |
हे क्षुधः |
|
आत्मा |
आत्मानौ |
आत्मानः |
|
आत्मानम् |
आत्मानौ |
आत्मनः |
|
आत्मना |
आत्मभ्याम् |
आत्मभिः |
|
आत्मने |
आत्मभ्याम् |
आत्मभ्यः |
|
आत्मनः |
आत्मभ्याम् |
आत्मभ्यः |
|
आत्मनः |
आत्मनोः |
आत्मनाम् |
|
आत्मनि |
आत्मनोः |
आत्मसु |
|
हे आत्मन् |
हे आत्मानौ |
हे आत्मानः |
|
युवा |
युवानौ |
युवानः |
|
युवानम् |
युवानौ |
यूनः |
|
यूना |
युवभ्याम् |
युवभिः |
|
यूने |
युवभ्याम् |
युवभ्यः |
|
यूनः |
युवभ्याम् |
युवभ्यः |
|
यूनः |
यूनोः |
यूनाम् |
|
यूनि |
यूनोः |
युवसु |
|
हे युवन् |
हे युवानौ |
हे युवानः |
|
मघवा |
मघवानौ |
मघवानः |
|
मघवानम् |
मघवानौ |
मघोनः |
|
मघोना |
मघवभ्याम् |
मघवभिः |
|
मघोने |
मघवभ्याम् |
मघवभ्यः |
|
मघोनः |
मघवभ्याम् |
मघवभ्यः |
|
मघोनः |
मघोनोः |
मघोनाम् |
|
मघोनि |
मघोनोः |
मघवसु |
|
हे मघवन् |
हे मघवानौ |
हे मघवानः |
|
पन्थाः |
पन्थानौ |
पन्थानः |
|
पन्थानम् |
पन्थानौ |
पथः |
|
पथा |
पथिभ्याम् |
पथिभिः |
|
पथे |
पथिभ्याम् |
पथिभ्यः |
|
पथः |
पथिभ्याम् |
पथिभ्यः |
|
पथः |
पथोः |
पथाम् |
|
पथि |
पथोः |
पथिषु |
|
हे पन्थाः |
हे पन्थानौ |
हे पन्थानः |
|
करी |
करिणौ |
करिणः |
|
करिणम् |
करिणौ |
करिणः |
|
करिणा |
करिभ्याम् |
करिभिः |
|
करिणे |
करिभ्याम् |
करिभ्यः |
|
करिणः |
करिभ्याम् |
करिभ्यः |
|
करिणः |
करिणोः |
करिणाम् |
|
करिणि |
करिणोः |
कारिषु |
|
हे करिन् |
हे करिणौ |
हे करिणः |
|
राजा |
राजानौ |
राजानः |
|
राजानम् |
राजानौ |
राज्ञः |
|
राज्ञा |
राजभ्याम् |
राजभिः |
|
राज्ञे |
राजभ्याम् |
राजभ्यः |
|
राज्ञः |
राजभ्याम् |
राजभ्यः |
|
राज्ञः |
राज्ञोः |
राज्ञाम् |
|
राज्ञि/ राजनि |
राज्ञोः |
राजसु |
|
हे राजन् |
हे राजानौ |
हे राजानः |
|
राजा |
राजानौ |
राजानः |
|
राजानम् |
राजानौ |
राज्ञः |
|
राज्ञा |
राजभ्याम् |
राजभिः |
|
राज्ञे |
राजभ्याम् |
राजभ्यः |
|
राज्ञः |
राजभ्याम् |
राजभ्यः |
|
राज्ञः |
राज्ञोः |
राज्ञाम् |
|
राज्ञि/ राजनि |
राज्ञोः |
राजसु |
|
हे राजन् |
हे राजानौ |
हे राजानः |
|
कर्म |
कर्मणी |
कर्माणि |
|
कर्म |
कर्मणी |
कर्माणि |
|
कर्मणा |
कर्मभ्याम् |
कर्मभिः |
|
कर्मणे |
कर्मभ्याम् |
कर्मभ्यः |
|
कर्मणः |
कर्मभ्याम् |
कर्मभ्यः |
|
कर्मणः |
कर्मणोः |
कर्मणाम् |
|
कर्मणि |
कर्मणोः |
कर्मसु |
|
हे कर्म/ हे कर्मन् |
हे कर्मणी |
हे कर्माणि |
|
अहः |
अहनी/ अह्नी |
अहानि |
|
अहः |
अहनी/ अह्नी |
अहानि |
|
अह्ना |
अहोभ्याम् |
अहोभिः |
|
अह्ने |
अहोभ्याम् |
अहोभ्यः |
|
अह्नः |
अहोभ्याम् |
अहोभ्यः |
|
अह्नः |
अह्नोः |
अह्नाम् |
|
अहनि/ अह्नि |
अह्नोः |
अहःसु/ अहस्सु |
|
हे अहः |
हे अहनी/ हे अह्नी |
हे अहानि |
|
नाम |
नामनी/ नाम्नी |
नामानि |
|
नाम |
नामनी/ नाम्नी |
नामानि |
|
नाम्ना |
नामभ्याम् |
नामभिः |
|
नाम्ने |
नामभ्याम् |
नामभ्यः |
|
नाम्नः |
नामभ्याम् |
नामभ्यः |
|
नाम्नः |
नाम्नोः |
नाम्नाम् |
|
नाम्नि |
नाम्नोः |
नामसु |
|
हे नाम/ हे नामन् |
हे नामनी/ हे नाम्नी |
हे नामानि |
|
गुणि |
गुणिनी |
गुणीनि |
|
गुणि |
गुणिनी |
गुणीनि |
|
गुणिना |
गुणिभ्याम् |
गुणिभिः |
|
गुणिने |
गुणिभ्याम् |
गुणिभ्यः |
|
गुणिनः |
गुणिभ्याम् |
गुणिभ्यः |
|
गुणिनः |
गुणिनोः |
गुणिनाम् |
|
गुणिनि |
गुणिनोः |
गुणिषु |
|
हे गुणिन्/ हे गुणि |
हे गुणिनी |
हे गुणीनि |
|
ककुप् / ककुब् |
ककुभौ |
ककुभः |
|
ककुभम् |
ककुभौ |
ककुभः |
|
ककुभा |
ककुब्भ्याम् |
ककुब्भिः |
|
ककुभे |
ककुब्भ्याम् |
ककुब्भ्यः |
|
ककुभः |
ककुब्भ्याम् |
ककुब्भ्यः |
|
ककुभः |
ककुभोः |
ककुभाम् |
|
ककुभि |
ककुभोः |
ककुब्सु |
|
हे ककुप् / हे ककुब् |
हे ककुभौ |
हे ककुभः |
|
गीः |
गिरौ |
गिरः |
|
गिरम् |
गिरौ |
गिरः |
|
गिरा |
गीर्भ्याम् |
गीर्भिः |
|
गिरे |
गीर्भ्याम् |
गीर्भ्यः |
|
गिरः |
गीर्भ्याम् |
गीर्भ्यः |
|
गिरः |
गिरोः |
गिराम् |
|
गिरि |
गिरोः |
गीर्षु |
|
हे गीः |
हे गिरौ |
हे गिरः |
|
वाः |
वारी |
वारि |
|
वाः |
वारी |
वारि |
|
वारा |
वार्भ्याम् |
वार्भिः |
|
वारे |
वार्भ्याम् |
वार्भ्यः |
|
वारः |
वार्भ्याम् |
वार्भ्यः |
|
वारः |
वारोः |
वाराम् |
|
वारि |
वारोः |
वार्षु |
|
हे वाः |
हे वारी |
हे वारि |
|
द्यौः |
दिवौ |
दिवः |
|
दिवम् |
दिवौ |
दिवः |
|
दिवा |
द्युभ्याम् |
द्युभिः |
|
दिवे |
द्युभ्याम् |
द्युभ्यः |
|
दिवः |
द्युभ्याम् |
द्युभ्यः |
|
दिवः |
दिवोः |
दिवाम् |
|
दिवि |
दिवोः |
द्युषु |
|
हे द्यौः |
हे दिवौ |
हे दिवः |
|
विट् / विड् |
विशौ |
विशः |
|
विशम् |
विशौ |
विशः |
|
विशा |
विड्भ्याम् |
विड्भिः |
|
विशे |
विड्भ्याम् |
विड्भ्यः |
|
विशः |
विड्भ्याम् |
विड्भ्यः |
|
विशः |
विशोः |
विशाम् |
|
विशि |
विशोः |
विट्सु |
|
हे विट् / हे विड् |
हे विशौ |
हे विशः |
|
तादृक् / तादृग् |
तादृशौ |
तादृशः |
|
तादृशम् |
तादृशौ |
तादृशः |
|
तादृशा |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भिः |
|
तादृशे |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भ्यः |
|
तादृशः |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भ्यः |
|
तादृशः |
तादृशोः |
तादृशाम् |
|
तादृशि |
तादृशोः |
तादृक्षु |
|
हे तादृक् / हे तादृग् |
हे तादृशौ |
हे तादृशः |
|
तादृक् |
तादृशी |
तादृंशि |
|
तादृक् |
तादृशी |
तादृंशि |
|
तादृशा |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भिः |
|
तादृशे |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भ्यः |
|
तादृशः |
तादृग्भ्याम् |
तादृग्भ्यः |
|
तादृशः |
तादृशोः |
तादृशाम् |
|
तादृशि |
तादृशोः |
तादृक्षु |
|
हे तादृक् |
हे तादृशी |
हे तादृंशि |
|
द्विट् |
द्विषौ |
द्विषः |
|
द्विषम् |
द्विषौ |
द्विषः |
|
द्विषा |
द्विङ्भ्याम् |
द्विङ्भिः |
|
द्विषे |
द्विङ्भ्याम् |
द्विङ्भ्यः |
|
द्विषः |
द्विङ्भ्याम् |
द्विङ्भ्यः |
|
द्विषः |
द्विषोः |
द्विषाम् |
|
द्विषि |
द्विषोः |
द्विट्सु |
|
हे द्विट् |
हे द्विषौ |
हे द्विषः |
|
सुत्विट् |
सुत्विषी |
सुत्वींषि |
|
सुत्विट् |
सुत्विषी |
सुत्वींषि |
|
सुत्विषा |
सुत्विङ्भ्याम् |
सुत्विङ्भिः |
|
सुत्विषे |
सुत्विङ्भ्याम् |
सुत्विङ्भ्यः |
|
सुत्विषः |
सुत्विङ्भ्याम् |
सुत्विङ्भ्यः |
|
सुत्विषः |
सुत्विषोः |
सुत्विषाम् |
|
सुत्विषि |
सुत्विषोः |
सुत्विट्सु |
|
हे सुत्वि |
हे सुत्विषी |
हे सुत्वींषि |
|
वेधाः |
वेधसौ |
वेधसः |
|
वेधसम् |
वेधसौ |
वेधसः |
|
वेधसा |
वेधोभ्याम् |
वेधोभिः |
|
वेधसे |
वेधोभ्याम् |
वेधोभ्यः |
|
वेधसः |
वेधोभ्याम् |
वेधोभ्यः |
|
वेधसः |
वेधसोः |
वेधसाम् |
|
वेधसि |
वेधसोः |
वेधस्सु |
|
हे वेधः |
हे वेधसौ |
हे वेधसः |
|
श्रेयान् |
श्रेयांसौ |
श्रेयांसः |
|
श्रेयांसम् |
श्रेयांसौ |
श्रेयसः |
|
श्रेयसा |
श्रेयोभ्याम् |
श्रेयोभिः |
|
श्रेयसे |
श्रेयोभ्याम् |
श्रेयोभ्यः |
|
श्रेयसः |
श्रेयोभ्याम् |
श्रेयोभ्यः |
|
श्रेयसः |
श्रेयसोः |
श्रेयसाम् |
|
श्रेयसि |
श्रेयसोः |
श्रेयस्सु |
|
हे श्रेयन् |
हे श्रेयांसौ |
हे श्रेयांसः |
|
विद्वान् |
विद्वांसौ |
विद्वांसः |
|
विद्वांसम् |
विद्वांसौ |
विदुषः |
|
विदुषा |
विद्वद्भ्याम् |
विद्वद्भिः |
|
विदुषे |
विद्वद्भ्याम् |
विद्वद्भ्यः |
|
विदुषः |
विद्वद्भ्याम् |
विद्वद्भ्यः |
|
विदुषः |
विदुषोः |
विदुषाम् |
|
विदुषि |
विदुषोः |
विद्वत्सु |
|
हे विद्वन् |
हे विद्वांसौ |
हे विद्वांसः |
|
पुमान् |
पुमांसौ |
पुमांसः |
|
पुमांसम् |
पुमांसौ |
पुंसः |
|
पुंसा |
पुंभ्याम् |
पुंभिः |
|
पुंसे |
पुंभ्याम् |
पुंभ्यः |
|
पुंसः |
पुंभ्याम् |
पुंभ्यः |
|
पुंसः |
पुंसोः |
पुंसाम् |
|
पुंसि |
पुंसोः |
पुंसु |
|
हे पुमन् |
हे पुमांसौ |
हे पुमांसः |
|
दोः |
दोषौ |
दोषः |
|
दोषम् |
दोषौ |
दोषः |
|
दोषा |
दोर्भ्याम् |
दोर्भिः |
|
दोषे |
दोर्भ्याम् |
दोर्भ्यः |
|
दोषः |
दोर्भ्याम् |
दोर्भ्यः |
|
दोषः |
दोषोः |
दोषाम् |
|
दोषि |
दोषोः |
दोष्षु |
|
हे दोः |
हे दोषौ |
हे दोषः |
|
भाः |
भासौ |
भासः |
|
भासम् |
भासौ |
भासः |
|
भासा |
भाभ्याम् |
भाभिः |
|
भासे |
भाभ्याम् |
भाभ्यः |
|
भासः |
भाभ्याम् |
भाभ्यः |
|
भासः |
भासोः |
भासाम् |
|
भासि |
भासोः |
भास्सु |
|
हे भाः |
हे भासौ |
हे भासः |
|
मनः |
मनसी |
मनांसि |
|
मनः |
मनसी |
मनांसि |
|
मनसा |
मनोभ्याम् |
मनोभिः |
|
मनसे |
मनोभ्याम् |
मनोभ्यः |
|
मनसः |
मनोभ्याम् |
मनोभ्यः |
|
मनसः |
मनसोः |
मनसाम् |
|
मनसि |
मनसोः |
मनस्सु |
|
हे मनः |
हे मनसी |
हे मनांसि |
|
हविः |
हविषी |
हवीम्षि |
|
हविः |
हविषी |
हवीम्षि |
|
हविषा |
हविर्भ्याम् |
हविर्भिः |
|
हविषे |
हविर्भ्याम् |
हविर्भ्यः |
|
हविषः |
हविर्भ्याम् |
हविर्भ्यः |
|
हविषः |
हविषोः |
हविषाम् |
|
हविषि |
हविषोः |
हविष्षु |
|
हे हविः |
हे हविषी |
हे हवीम्षि |
|
वपुः |
वपुसी |
वपूंसि |
|
वपुः |
वपुसी |
वपूंसि |
|
वपुसा |
वपुर्भ्याम् |
वपुर्भिः |
|
वपुसे |
वपुर्भ्याम् |
वपुर्भ्यः |
|
वपुसः |
वपुर्भ्याम् |
वपुर्भ्यः |
|
वपुसः |
वपुसोः |
वपुसाम् |
|
वपुसि |
वपुसोः |
वपुःषु/ वपुष्षु |
|
हे वपुः |
हे वपुसी |
हे वपूंसि |
|
तस्थिवत् / तस्थिवद् |
तस्थुषी |
तस्थिवांसि |
|
तस्थिवत् / तस्थिवद् |
तस्थुषी |
तस्थिवांसि |
|
तस्थुषा |
तस्थिवद्भ्याम् |
तस्थिवद्भिः |
|
तस्थुषे |
तस्थिवद्भ्याम् |
तस्थिवद्भ्यः |
|
तस्थुषः |
तस्थिवद्भ्याम् |
तस्थिवद्भ्यः |
|
तस्थुषः |
तस्थुषोः |
तस्थुषाम् |
|
तस्थुषि |
तस्थुषोः |
तस्थिवत्सु |
|
हे तस्थिवत् / हे तस्थिवद् |
हे तस्थुषी |
हे तस्थिवांसि |
|
आशीः |
आशिषौ |
आशिषः |
|
आशिषम् |
आशिषौ |
आशिषः |
|
आशिषा |
आशीर्भ्याम् |
आशीर्भिः |
|
आशिषे |
आशीर्भ्याम् |
आशीर्भ्यः |
|
आशिषः |
आशीर्भ्याम् |
आशीर्भ्यः |
|
आशिषः |
आशिषोः |
आशिषाम् |
|
आशिषि |
आशिषोः |
आशीष्षु/ आशीःषु |
|
हे आशीः |
हे आशिषौ |
हे आशिषः |
|
लिट् / लिड् |
लिहौ |
लिहः |
|
लिहम् |
लिहौ |
लिहः |
|
लिहा |
लिड्भ्याम् |
लिड्भिः |
|
लिहे |
लिड्भ्याम् |
लिड्भ्यः |
|
लिहः |
लिड्भ्याम् |
लिड्भ्यः |
|
लिहः |
लिहोः |
लिहाम् |
|
लिहि |
लिहोः |
लिट्सु |
|
हे लिट् / हे लिड् |
हे लिहौ |
हे लिहः |
|
उपानत् / उपानद् |
उपानहौ |
उपानहः |
|
उपानहम् |
उपानहौ |
उपानहः |
|
उपानहा |
उपानद्भ्याम् |
उपानद्भिः |
|
उपानहे |
उपानद्भ्याम् |
उपानद्भ्यः |
|
उपानहः |
उपानद्भ्याम् |
उपानद्भ्यः |
|
उपानहः |
उपानहोः |
उपानहाम् |
|
उपानहि |
उपानहोः |
उपानत्सु |
|
हे उपानत्/ हे उपानद् |
हे उपानहौ |
हे उपानहः |
|
अम्भोरुट् |
अम्भोरुही |
अम्भोरुंहि |
|
अम्भोरुट् |
अम्भोरुही |
अम्भोरुंहि |
|
अम्भोरुहा |
अम्भोरुड्भ्याम् |
अम्भोरुड्भिः |
|
अम्भोरुहे |
अम्भोरुड्भ्याम् |
अम्भोरुड्भ्यः |
|
अम्भोरुहः |
अम्भोरुड्भ्याम् |
अम्भोरुड्भ्यः |
|
अम्भोरुहः |
अम्भोरुहोः |
अम्भोरुहाम् |
|
अम्भोरुहि |
अम्भोरुहोः |
अम्भोरुट्त्सु/ अम्भोरुट्सु |
|
हे अम्भोरुट् |
हे अम्भोरुही |
हे अम्भोरुंहि |
सर्वनामप्रकरणम्
|
सर्वः |
सर्वौ |
सर्वे |
|
सर्वम् |
सर्वौ |
सर्वान् |
|
सर्वेण |
सर्वाभ्याम् |
सर्वैः |
|
सर्वस्मै |
सर्वाभ्याम् |
सर्वेभ्यः |
|
सर्वस्मात्/ सर्वस्माद् |
सर्वाभ्याम् |
सर्वेभ्यः |
|
सर्वस्य |
सर्वयोः |
सर्वेषाम् |
|
सर्वस्मिन् |
सर्वयोः |
सर्वेषु |
|
हे सर्व |
हे सर्वौ |
हे सर्वे |
|
सर्वा |
सर्वे |
सर्वाः |
|
सर्वाम् |
सर्वे |
सर्वाः |
|
सर्वया |
सर्वाभ्याम् |
सर्वाभिः |
|
सर्वस्यै |
सर्वाभ्याम् |
सर्वाभ्यः |
|
सर्वस्याः |
सर्वाभ्याम् |
सर्वाभ्यः |
|
सर्वस्याः |
सर्वयोः |
सर्वासाम् |
|
सर्वस्याम् |
सर्वयोः |
सर्वासु |
|
हे सर्वे |
हे सर्वे |
हे सर्वाः |
|
सर्वम् |
सर्वे |
सर्वाणि |
|
सर्वम् |
सर्वे |
सर्वाणि |
|
सर्वेण |
सर्वाभ्याम् |
सर्वैः |
|
सर्वस्मै |
सर्वाभ्याम् |
सर्वेभ्यः |
|
सर्वस्मात्/ सर्वस्माद् |
सर्वाभ्याम् |
सर्वेभ्यः |
|
सर्वस्य |
सर्वयोः |
सर्वेषाम् |
|
सर्वस्मिन् |
सर्वयोः |
सर्वेषु |
|
हे सर्व |
हे सर्वे |
हे सर्वाणि |
|
पुंसि |
स्त्रियां |
क्लीबे |
|
उभौ |
उभे |
उभे |
|
उभौ |
उभे |
उभे |
|
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
|
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
|
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
उभाभ्याम् |
|
उभयोः |
उभयोः |
उभयोः |
|
उभयोः |
उभयोः |
उभयोः |
|
हे उभौ |
हे उभे |
हे उभे |
|
सः |
तौ |
ते |
|
तम् |
तौ |
तान् |
|
तेन |
ताभ्याम् |
तैः |
|
तस्मै |
ताभ्याम् |
तेभ्यः |
|
तस्मात् |
ताभ्याम् |
तेभ्यः |
|
तस्य |
तयोः |
तेषाम् |
|
तस्मिन् |
तयोः |
तेषु |
|
सा |
ते |
ताः |
|
ताम् |
ते |
ताः |
|
तया |
ताभ्याम् |
ताभिः |
|
तस्यै |
ताभ्याम् |
ताभ्यः |
|
तस्याः |
ताभ्याम् |
ताभ्यः |
|
तस्याः |
तयोः |
तासाम् |
|
तस्याम् |
तयोः |
तासु |
|
तत् |
ते |
तानि |
|
तत् |
ते |
तानि |
|
तेन |
ताभ्याम् |
तैः |
|
तस्मै |
ताभ्याम् |
तेभ्यः |
|
तस्मात् |
ताभ्याम् |
तेभ्यः |
|
तस्य |
तयोः |
तेषाम् |
|
तस्मिन् |
तयोः |
तेषु |
|
कः |
कौ |
के |
|
कम् |
कौ |
कान् |
|
केन |
काभ्याम् |
कैः |
|
कस्मै |
काभ्याम् |
केभ्यः |
|
कस्मात् |
काभ्याम् |
केभ्यः |
|
कस्य |
कयोः |
केषाम् |
|
कस्मिन् |
कयोः |
केषु |
|
का |
के |
काः |
|
काम् |
के |
काः |
|
कया |
काभ्याम् |
काभिः |
|
कस्यै |
काभ्याम् |
काभ्यः |
|
कस्याः |
काभ्याम् |
काभ्यः |
|
कस्याः |
कयोः |
कासाम् |
|
कस्याम् |
कयोः |
कासु |
|
किम् |
के |
कानि |
|
किम् |
के |
कानि |
|
केन |
काभ्याम् |
कैः |
|
कस्मै |
काभ्याम् |
केभ्यः |
|
कस्मात् |
काभ्याम् |
केभ्यः |
|
कस्य |
कयोः |
केषाम् |
|
कस्मिन् |
कयोः |
केषु |
|
अयम् |
इमौ |
इमे |
|
इमम्/ एनम् |
इमौ/ एनौ |
इमान्/ एनान् |
|
अनेन/ एनेन |
आभ्याम् |
एभिः |
|
अस्मै |
आभ्याम् |
एभ्यः |
|
अस्मात्/ अस्माद् |
आभ्याम् |
एभ्यः |
|
अस्य |
अनयोः/ एनयोः |
एषाम् |
|
अस्मिन् |
अनयोः/ एनयोः |
एषु |
|
इयम् |
इमे |
इमाः |
|
इमाम्/ एनाम् |
इमे/ एने |
इमाः/ एनाः |
|
अनया/ एनया |
आभ्याम् |
आभिः |
|
अस्यै |
आभ्याम् |
आभ्यः |
|
अस्याः |
आभ्याम् |
आभ्यः |
|
अस्याः |
अनयोः/ एनयोः |
आसाम् |
|
अस्याम् |
अनयोः/ एनयोः |
आसु |
|
इदम् |
इमे |
इमानि |
|
इदम्/ एनत्/ एनद् |
इमे/ एने |
इमानि/ एनानि |
|
अनेन/ एनेन |
आभ्याम् |
एभिः |
|
अस्मै |
आभ्याम् |
एभ्यः |
|
अस्मात्/ अस्माद् |
आभ्याम् |
एभ्यः |
|
अस्य |
अनयोः/ एनयोः |
एषाम् |
|
अस्मिन् |
अनयोः/ एनयोः |
एषु |
|
असौ |
अमू |
अमी |
|
अमूम् |
अमू |
अमून् |
|
अमुना |
अमूभ्याम् |
अमीभिः |
|
अमुष्मै |
अमूभ्याम् |
अमीभ्यः |
|
अमुष्मात्/ अमुष्माद् |
अमूभ्याम् |
अमीभ्यः |
|
अमुष्य |
अमुयोः |
अमीषाम् |
|
अमुष्मिन् |
अमुयोः |
अमीषु |
|
असौ |
अमू |
अमूः |
|
अमूम् |
अमू |
अमूः |
|
अमुया |
अमूभ्याम् |
अमूभिः |
|
अमुष्यै |
अमूभ्याम् |
अमूभ्यः |
|
अमुष्याः |
अमूभ्याम् |
अमूभ्यः |
|
अमुष्याः |
अमुयोः |
अमूषाम् |
|
अमुष्याम् |
अमुयोः |
अमूषु |
|
अदः |
अमू |
अमूनि |
|
अदः |
अमू |
अमूनि |
|
अमुना |
अमूभ्याम् |
अमीभिः |
|
अमुष्मै |
अमूभ्याम् |
अमीभ्यः |
|
अमुष्मात्/अमुष्माद् |
अमूभ्याम् |
अमीभ्यः |
|
अमुष्य |
अमुयोः |
अमीषाम् |
|
अमुष्मिन् |
अमुयोः |
अमीषु |
|
भवान् |
भवन्तौ |
भवन्तः |
|
भवन्तम् |
भवन्तौ |
भवतः |
|
भवता |
भवद्भ्याम् |
भवद्भिः |
|
भवते |
भवद्भ्याम् |
भवद्भ्यः |
|
भवतः |
भवद्भ्याम् |
भवद्भ्यः |
|
भवतः |
भवतोः |
भवताम् |
|
भवति |
भवतोः |
भवत्सु |
|
हे भवन् |
हे भवन्तौ |
हे भवन्तः |
|
भवती |
भवत्यौ |
भवत्यः |
|
भवतीम् |
भवत्यौ |
भवतीः |
|
भवत्या |
भवतीभ्याम् |
भवतीभिः |
|
भवत्यै |
भवतीभ्याम् |
भवतीभ्यः |
|
भवत्याः |
भवतीभ्याम् |
भवतीभ्यः |
|
भवत्याः |
भवत्योः |
भवतीनाम् |
|
भवत्याम् |
भवत्योः |
भवतीषु |
|
हे भवति |
हे भवत्यौ |
हे भवत्यः |
தனதனன தனதனன தனதனன தனதனன
தனதனன தனதனன தனதான தானதன
உததியிடை கடவுமர கதவருண குலதுரக
வுபலளித கனகரத சதகோடி சூரியர்கள்
உதயமென அதிகவித கலபகக மயிலின்மிசை
யுகமுடிவின் இருளகல ஒருசோதி வீசுவதும்
உடலுமுட லுயிருநிலை பெறுதல்பொரு ளெனவுலக
மொருவிவரு மநுபவன சிவயோக சாதனையில்
ஒழுகுமவர் பிறிதுபர வசமழிய விழிசெருகி
யுணர்வுவிழி கொடுநியதி தமதூடு நாடுவதும்
உருவெனவு மருவெனவு முளதெனவு மிலதெனவு
முழலுவன பரசமய கலையார வாரமற
உரையவிழ வுணர்வவிழ வுளமவிழ வுயிரவிழ
வுளபடியை யுணருமவ ரநுபூதி யானதுவும்
உறவுமுறை மனைவிமக வெனுமலையி லெனதிதய
வுருவுடைய மலினபவ சலராசி யேறவிடும்
உறுபுணையு மறிமுகமு முயரமரர் மணிமுடியில்
உறைவதுவு முலைவிலது மடியேன் மனோரதமும்
இதழிவெகு முகககன நதியறுகு தறுகணர
இமகிரண தருணவுடு பதிசேர் சடாமவுலி
இறைமகிழ வுடைமணியொ டணிசகல மணிகலென
இமையமயில் தழுவுமொரு திருமார்பி லாடுவதும்
இமையவர்கள் நகரிலிறை குடிபுகுத நிருதர்வயி
றெரிபுகுத வுரகர்பதி அபிஷேக மாயிரமும்
எழுபிலமு நெறுநெறென முறியவட குவடிடிய
இளையதளர் நடைபழகி விளையாடல் கூருவதும்
இனியகனி கடலைபய றொடியல்பொரி யமுதுசெயும்
இலகுவெகு கடவிகட தடபார மேருவுடன்
இகலிமுது திகிரிகிரி நெரியவளை கடல்கதற
எழுபுவியை யொருநொடியில் வலமாக வோடுவதும்
எறுழிபுலி கரடியரி கரிகடமை வருடையுழை
யிரலைமரை யிரவுபகல் இரைதேர்க டாடவியில்
எயினரிடு மிதணதனில் இளகுதினை கிளிகடிய
இனிதுபயில் சிறுமிவளர் புனமீ துலாவுவதும்
முதலவினை முடிவிலிரு பிறையெயிறு கயிறுகொடு
முதுவடவை விழிசுழல வருகால தூதர்கெட
முடுகுவதும் அருணெறியில் உதவுவதும் நினையுமவை
முடியவரு வதுமடியர் பகைகோடி சாடுவதும்
மொகுமொகென மதுபமுரல் குரவுவிள வினதுகுறு
முறியுமலர் வகுளதள முழுநீல தீவரமும்
முருகுகமழ் வதுமகில முதன்மைதரு வதும்விரத
முநிவர்கரு தரியதவ முயல்வார் தபோபலமும்
முருகசர வணமகளிர் அறுவர்முலை நுகருமறு
முககுமர சரணமென அருள்பாடி யாடிமிக
மொழிகுழற அழுதுதொழு துருகுமவர் விழியருவி
முழுகுவதும் வருகவென அறைகூவி யாளுவதும்
முடியவழி வழியடிமை யெனுமுரிமை யடிமைமுழு
துலகறிய மழலைமொழி கொடுபாடும் ஆசுகவி
முதலமொழி வனநிபுண மதுபமுக ரிதமவுன
முகுளபரி மளநிகில கவிமாலை சூடுவதும்
மதசிகரி கதறிமுது முதலைகவர் தரநெடிய
மடுநடுவில் வெருவியொரு விசையாதி மூலமென
வருகருணை வரதனிகல் இரணியனை நுதியுகிரின்
வகிருமட லரிவடிவு குறளாகி மாபலியை
வலியசிறை யிடவெளியின் முகடுகிழி படமுடிய
வளருமுகில் நிருதனிரு பதுவாகு பூதரமும்
மகுடமொரு பதுமுறிய அடுபகழி விடுகுரிசில்
மருகனிசி சரர்தளமும் வருதார காசுரனும்
மடியமலை பிளவுபட மகரசல நிதிகுறுகி
மறுகிமுறை யிடமுனியும் வடிவேல னீலகிரி
மருவுகுரு பதியுவதி பவதிபக வதிமதுர வசனிபயி ரவிகவுரி யுமையாள்த்ரி சூலதரி
வநசைமது பதியமலை விசயைதிரி புரைபுநிதை
வநிதையபி நவையநகை யபிராம நாயகிதன்
மதலைமலை கிழவனநு பவனபய னுபயசதுர்
மறையின்முதல் நடுமுடிவின் மணநாறு சீறடியே.
தனதன தனதன தனதன தனதன தனதன
தனதன தானாந்தன தந்தன தானாந்தன தந்தன
தரணியி லரணிய முரணிர ணியனுடல் தனைநக
நுதிகொடு சாடோங்குநெ டுங்கிரி யோடேந்துப யங்கரி
தமருக பரிபுர ஒலிகொடு நடநவில் சரணிய
சதுர்மறை தாதாம்புய மந்திர வேதாந்தப ரம்பரை
சரிவளை விரிசடை யெரிபுரை வடிவினள் சததள
முகுளித தாமாங்குச மென்றிரு தாளாந்தர அம்பிகை
தருபதி சுரரொடு சருவிய அசுரர்கள் தடமணி
முடிபொடி தானாம்படி செங்கையில் வாள்வாங்கிய சங்கரி
இரணகி ரணமட மயின்ம்ருக மதபுள கிதவிள
முலையிள நீர்தாங்கிநு டங்கிய நூல்போன்றம ருங்கினள்
இறுகிய சிறுபிறை யெயிறுடை யமபடர் எனதுயிர்
கொளவரின் யானேங்குதல் கண்டெதிர் தானேன்றுகொ
ளுங்குயில்
இடுபலி கொடுதிரி யிரவலர் இடர்கெடவிடுமன
கரதல ஏகாம்பரை யிந்திரை மோகாங்கசு மங்கலை
எழுதிய படமென இருளறு சுடரடி யிணைதொழு
மவுனிகள் ஏகாந்தசு கந்தரு பாசாங்குச சுந்தரி
கரணமு மரணமு மலமொடு முடல்படு கடுவினை
கெடநினை காலாந்தரி கந்தரி நீலாஞ்சனி நஞ்சுமிழ்
கனலெரி கணபண குணமணி யணிபணி கனவளை
மரகத காசாம்பர கஞ்சுளி தூசாம்படி கொண்டவள்
கனைகழல் நினையலர் உயிரவி பயிரவி கவுரிக
மலைகுழை காதார்ந்தசெ ழுங்கழு நீர்தோய்ந்த பெருந்திரு
கரைபொழி திருமுக கருணையி லுலகெழு கடனிலை
பெறவளர் காவேந்திய பைங்கிளி மாசாம்பவி தந்தவன்
அரணெடு வடவரை யடியொடு பொடிபட அலைகடல்
கெடஅயில் வேல்வாங்கிய செந்தமிழ் நூலோன்கு
மரன்குகன்
அறுமுக னொருபதொ டிருபுய னபினவ னழகிய
குறமகள் தார்வேய்ந்தபு யன்பகை யாமாந்தர்கள் அந்தகன்
அடன்மிகு கடதட விகடித மதகளி றனவர
தமுமக லாமாந்தர்கள் சிந்தையில் வாழ்வாம்படி செந்திலில்
அதிபதி யெனவரு பொருதிறல் முருகனை அருள்பட
மொழிபவர் ஆராய்ந்துவ ணங்குவர் தேவேந்திர சங்கமே.
தனத்ததன தனத்ததன தனத்ததன தனத்ததன
தனத்ததன தனத்ததன தனத்ததன தான
பருத்தமுலை சிறுத்தஇடை வெளுத்தநகை கறுத்தகுழல்
சிவத்தவிதழ் மறச்சிறுமி விழிக்குநிக ராகும்
பனைக்கைமுக படக்கரட மதத்தவள கசக்கடவுள்
பதத்திடுநி களத்துமுளை தெறிக்கவர மாகும்
பழுத்தமுது தமிழ்ப்பலகை யிருக்குமொரு கவிப்புலவன்
இசைக்குருகி வரைக்குகையை யிடித்துவழி காணும்
பசித்தலகை முசித்தழுது முறைப்படுதல் ஒழித்தவுணர்
உரத்துதிர நிணத்தசைகள் புசிக்கவருள் நேரும்
சுரர்க்குமுநி வரர்க்குமக பதிக்கும்விதி தனக்கும்அரி
தனக்குநரர் தமக்குமுறும் இடுக்கண்வினை சாடும்
சுடர்ப்பரிதி ஒளிப்பநில வொழுக்குமதி ஒளிப்பஅலை
யடக்குதழல் ஒளிப்பவொளிர் ஒளிப்பிரபை வீசும்
துதிக்குமடி யவர்க்கொருவர் கெடுக்கஇடர் நினைக்கினவர்
குலத்தைமுத லறக்களையும் எனக்கொர்துணை யாகும்
சொலற்கரிய திருப்புகழை யுரைத்தவரை யடுத்தபகை
யறுத்தெறிய வுறுக்கியெழு மறத்தைநிலை காணும்
தருக்கிநமன் முருக்கவரின் எருக்குமதி தரித்தமுடி
படைத்தவிறல் படைத்தஇறை கழற்குநிக ராகும்
தலத்திலுள கணத்தொகுதி களிப்பினுண வழைப்பதென
மலர்க்கமல கரத்தின்முனை விதிர்க்கவளை வாகும்
தனித்துவழி நடக்குமென திடத்துமொரு வலத்துமிரு
புறத்துமரு கடுத்திரவு பகற்றுணைய தாகும்
சலத்துவரும் அரக்கருடல் கொழுத்துவளர் பெருத்தகுடர்
சிவத்ததொடை யெனச்சிகையில் விருப்பமொடு சூடும்
திரைக்கடலை யுடைத்துநிறை புனற்கடிது குடித்துடையும்
உடைப்படைய அடைத்துதிர நிறைத்துவிளை யாடும்
திசைக்கிரியை முதற்குலிசன் அறுத்தசிறை முளைத்ததென
முகட்டினிடை பறக்கவற விசைத்ததிர வோடும்
சினத்தவுணர் எதிர்த்தரண களத்தில்வெகு குறைத்தலைகள்
சிரித்தெயிறு கடித்துவிழி விழித்தலற மோதும்
திருத்தணியில் உதித்தருளும் ஒருத்தன்மலை விருத்தனென
துளத்திலுறை கருத்தன்மயில் நடத்துகுகன் வேலே.
தானதன தத்ததன தானதன தத்ததன
தானதன தத்ததன தானத் தானன
ஆனபய பத்திவழி பாடுபெறு முத்தியது
வாகநிகழ் பத்தசன வாரக் காரனும்
ஆரமது ரித்தகனி காரணமு தற்றமைய
னாருடனு ணக்கைபரி தீமைக் காரனும்
ஆகமம்வி ளைத்தகில லோகமு நொடிப்பளவில்
ஆசையொடு சுற்றுமதி வேகக் காரனும்
ஆணவஅ ழுக்கடையும் ஆவியை விளக்கியநு
பூதியடை வித்ததொரு பார்வைக் காரனும்
ஆடலைவு பட்டமரர் நாடதுபி ழைக்கஅம
ராவதிபு ரக்குமடல் ஆண்மைக் காரனும்
ஆடகவி சித்ரகன கோபுரமு கப்பில்அரு
ணாபுரியில் நிற்கும்அடை யாளக் காரனும்
ஆயிரமு கத்துநதி பாலனும கத்தடிமை
யானவர் தொடுத்தகவி மாலைக் காரனும்
ஆறுமுக வித்தகனும் ஆறிருபு யத்தரசும்
ஆதிமுடி வற்றதிரு நாமக் காரனும்
யானெனதெ னச்சருவும் ஈனசம யத்தெவரும்
யாரும்உணர் தற்கரிய நேர்மைக் காரனும்
யாதுநிலை யற்றலையும் ஏழுபிற விக்கடலை
யேறவிடு நற்கருணை யோடக் காரனும்
ஏரகம் இடைக்கழிசி ராமலைதி ருப்பழநி
யேரணிசெ ருத்தணியில் வாசக் காரனும்
ஏழையின் இரட்டைவினை யாயதொரு டற்சிறையி
ராமல்விடு வித்தருள்நி யாயக்காரனும்
யாமளைம ணக்குமுக சாமளைம ணிக்குயிலை
யாயெனஅ ழைத்துருகு நேயக் காரனும்
ஏதமற நிச்சயம னோலயவி ளக்கொளியும்
யாகமுநி வர்க்குரிய காவற் காரனும்
ஈரிரும ருப்புடைய சோனைமத வெற்பிவரும்
யானையள விற்றுவளும் ஆசைக் காரனும்
ஏடவிழ்க டப்பமலர் கூதளமு டிக்கும்இளை
யோனும்அறி விற்பெரிய மேன்மைக் காரனும்
வானவர்பொ ருட்டுமக வானதுபொ ருட்டுமலர்
வாவியில்உ தித்தமுக மாயக் காரனும்
வாரணப திக்குதவு நாரணனு வக்குமரு
மானும்அய னைக்கறுவு கோபக் காரனும்
வாழியென நித்தமற வாதுபர விற்சரண
வாரிசம்அ ளிக்கும்உப காரக் காரனும்
மாடமதில் சுற்றியத்ரி கூடகிரி யிற்கதிர்செய்
மாநகரி யிற்கடவுள் ஆயக் காரனும்
வாளெயிற துற்றபகு வாய்தொறுநெ ருப்புமிழும்
வாசுகியெ டுத்துதறும் வாசிக் காரனும்
வாளகிரி யைத்தனது தாளிலிடி யப்பொருது
வாகைபுனை குக்குடப தாகைக் காரனும்
மாசிலுயி ருக்குயிரு மாசிலுணர் வுக்குணர்வும்
வானிலணு வுக்கணுவு பாயக் காரனும்
வாதனைத விர்த்தகுரு நாதனும்வெ ளிப்படம
காடவியில் நிற்பதொர்ச காயக் காரனும்
மீனவனு மிக்கபுல வோருமுறை பொற்பலகை
மீதமர்த மிழ்த்ரயவி நோதக் காரனும்
வேரிமது மத்தமதி தாதகிக டுக்கைபுனை
வேணியர்து திப்பதொரு கேள்விக் காரனும்
வேலைதுகள் பட்டுமலை சூரனுடல் பட்டுருவ
வேலையுற விட்டதனி வேலைக் காரனும்
மீனுலவு கிர்த்திகைகு மாரனுநி னைக்குமவர்
வீடுபெற வைத்தருள்உ தாரக் காரனும்
மேனையரி வைக்குரிய பேரனும தித்ததிறல்
வீரனும்அ ரக்கர்குல சூறைக் காரனும்
வேதியர்வெ றுக்கையும்அ நாதிபர வஸ்துவும்வி
சாகனும்வி கற்பவெகு ரூபக் காரனும்
வேடுவர்பு னத்திலுரு மாறிமுனி சொற்படிவி
யாகுலம னத்தினொடு போம்விற் காரனும்
மேவியபு னத்திதணில் ஓவியமெ னத்திகழு
மேதகு குறத்திதிரு வேளைக் காரனே
தனத்த தனதன தனத்த தனதன
அருக்கன் உலவிய சகத்ர யமுமிசை
யதிற்கொள் சுவையென அனைத்து நிறைவதும்
அவஸ்தை பலவையு மடக்கி யகிலமும்
அவிழ்ச்சி பெறஇனி திருக்கு மவுனமும்
அசட்டு வெறுவழி வழக்கர் அறுவரும்
அரற்று வனபொருள் விகற்ப மொழிவதும்
அழுக்கு மலவிருள் முழுக்கின் உழல்வதை
யடக்கி யவநெறி கடக்க விடுவதும்
எருக்கும் இதழியு முடிக்கும் இறைகுரு
எமக்கும் இறையவன் எனத்தி கழுவதும்
இரட்டை வினைகொடு திரட்டு மலவுடல்
இணக்கம் அறவொரு கணக்கை யருள்வதும்
இருக்கு முதலிய சமஸ்த கலைகளும் இதற்கி
தெதிரென இணைக்க அரியதும்
இறக்க எனதெதிர் நடக்கும் யமபடர்
கடக்க விடுவதொர் இயற்கை யருள்வதும்
நெருக்கு வனவுப நிடத்தின் இறுதிகள்
நிரப்பு கடையினில் இருப்பை யுடையதும்
நெருப்பு நிலம்வெளி மருத்து வனமென
நிறைத்த நெறிமுறை கரக்கும் உருவமும்
நினைப்பு நினைவது நினைப்ப வனும்அறு
நிலத்தில் நிலைபெற நிறுத்த வுரியதும்
நிலைத்த அடியவர் மலைத்தல் அதுகெட
நிவிர்த்தி யுறஅநு பவிக்கு நிதியமும்
உருக்கு திருவருள் திளைத்து மகிழ்தர
உளத்தொ டுரைசெயல் ஒளித்து விடுவதும்
ஒளிக்கும் ஒளியென வெளிக்கும் வெளியென
உயிர்க்கும் உயிரென நிகழ்ச்சி தருவதும்
உரத்த தனிமயில் உகைத்து நிசிசரர்
ஒளிக்க அமர்பொரு சமர்த்தன் அணிதழை
உடுத்த குறமகள் மணக்கும் அறுமுகன்
ஒருத்தன் அருளிய பெருத்த வசனமே.